छात्रों पर दर्ज केस वापस नहीं हुए तो 5 सितंबर को दिल्ली मार्च

सीजेपी ने सरकार को दी चेतावनी, कहा- धैर्य को कमजोरी न समझें; NEET और प्रतियोगी परीक्षाओं के मुद्दे भी उठाए जाएंगे

नई दिल्ली। छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक बार फिर आंदोलन का ऐलान किया है। सोमवार को पार्टी की वर्किंग कमेटी की वर्चुअल बैठक में निर्णय लिया गया कि 5 सितंबर, शिक्षक दिवस के दिन दिल्ली मार्च किया जाएगा। संगठन का आरोप है कि सरकार ने छात्रों पर दर्ज मुकदमे खत्म करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। पार्टी ने चेतावनी दी कि उसके धैर्य को कमजोरी समझने की भूल न की जाए।

5 सितंबर को दिल्ली की ओर कूच

सीजेपी के छात्र और युवा नेताओं ने 5 सितंबर को दिल्ली की सीमाओं और प्रमुख प्रशासनिक स्थलों की ओर मार्च करने की घोषणा की है। संगठन का कहना है कि छात्रों की मांगों पर समय रहते ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग

सीजेपी ने पिछले आंदोलनों के दौरान छात्रों पर दर्ज मुकदमों को समाप्त करने की मांग दोहराई है। संगठन का कहना है कि आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को तत्काल निष्प्रभावी कर समाप्त किया जाना चाहिए। पार्टी नेताओं ने कहा कि सरकार ने मुकदमे वापस लेने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक छात्रों को इसका लाभ नहीं मिला है।

NEET और प्रतियोगी परीक्षाओं का मुद्दा भी उठेगा

संगठन ने NEET और अन्य राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए राहत और मुआवजे की मांग भी दोहराई है। सीजेपी का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अभ्यर्थियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

20 जून से शुरू किया था आंदोलन

सीजेपी ने NEET पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी सहित विभिन्न मांगों को लेकर 20 जून से जंतर-मंतर पर आंदोलन शुरू किया था। संगठन के अनुसार, 25 जुलाई को सरकार से आश्वासन मिलने और तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग सहित अन्य मुद्दों पर बातचीत के बाद आंदोलन समाप्त किया गया था।

कार्रवाई नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन प्रदर्शन की चेतावनी

सीजेपी नेताओं ने कहा कि यदि 5 सितंबर से पहले छात्रों की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने पर विचार करेगा। पार्टी ने सरकार से छात्रों पर दर्ज मुकदमों को खत्म करने और परीक्षा संबंधी शिकायतों के समाधान की दिशा में तत्काल कदम उठाने की मांग की है।

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