मां-बाप का साया छिना तो सरकार बनी सहारा
मुख्यमंत्री बाल स्पॉन्सर योजना से मेरठ के 1986 बच्चों को मिल रहा लाभ, हर माह चार हजार रुपये की आर्थिक मदद
मेरठ। माता-पिता का साया उठ जाने के बाद जिन बच्चों के सामने जीवन और पढ़ाई का संकट खड़ा हो जाता है, उनके लिए योगी सरकार की मुख्यमंत्री बाल स्पॉन्सर योजना उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आई है। आर्थिक तंगी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और उनका भविष्य सुरक्षित रहे, इसके लिए सरकार पात्र बच्चों को हर माह चार हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। मेरठ में वर्तमान में 1986 बच्चे इस योजना का लाभ उठा रहे हैं।
योजना का उद्देश्य ऐसे बच्चों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है, जिन्होंने अपने माता-पिता या परिवार के कमाऊ सदस्य को खो दिया है अथवा जो अन्य विशेष परिस्थितियों के कारण संरक्षण के पात्र हैं। योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि सीधे बच्चों के अभिभावक या संरक्षक के बैंक खाते में भेजी जाती है। इससे बच्चों की शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी अनुपम यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री बाल स्पॉन्सर योजना जरूरतमंद बच्चों के लिए बड़ा सहारा साबित हो रही है। योजना से जुड़े बच्चों की नियमित निगरानी भी की जाती है, ताकि उन्हें समय पर आर्थिक सहायता मिलती रहे। पात्र बच्चों को चिन्हित कर लगातार योजना से जोड़ा जा रहा है, जिससे कोई भी जरूरतमंद बच्चा सरकारी सहायता से वंचित न रहे।
उन्होंने पात्र परिवारों से अपील की है कि यदि कोई बच्चा योजना की पात्रता पूरी करता है तो संबंधित अभिलेखों के साथ जिला प्रोबेशन कार्यालय में आवेदन करें, ताकि उसे भी योजना का लाभ समय से मिल सके।
योजना के प्रमुख लाभ
- पात्र बच्चों को प्रतिमाह चार हजार रुपये की आर्थिक सहायता।
- सहायता राशि सीधे अभिभावक या संरक्षक के बैंक खाते में हस्तांतरित।
- शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और दैनिक जरूरतों को पूरा करने में मदद।
- आर्थिक अभाव के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित होने से बचाव।
- निराश्रित और जरूरतमंद बच्चों को सामाजिक सुरक्षा का मजबूत सहारा।


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