इतिहास विभाग में विश्वविद्यालय के संस्थापक कैलाश प्रकाश की 117वीं जयंती मनाई गई

मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग में शुक्रवार को विश्वविद्यालय के संस्थापक, स्वतंत्रता सेनानी, प्रख्यात शिक्षाविद् एवं समाजसेवी स्वर्गीय कैलाश प्रकाश की 117वीं जयंती श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए शिक्षा, समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को प्रेरणादायी बताया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो. कृष्णकांत शर्मा ने कहा कि कैलाश प्रकाश एक ऐसे दीप पुंज थे, जिन्होंने स्वयं संघर्ष कर समाज को ज्ञान का प्रकाश दिया। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की स्थापना का वास्तविक श्रेय कैलाश प्रकाश को जाता है और उनकी जयंती पर पूरा विश्वविद्यालय उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करता है।

इस अवसर पर आराधना ने कैलाश प्रकाश के त्यागपूर्ण जीवन पर प्रकाश डालते हुए उन्हें नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बताया। प्रो. ए.वी. कौर ने कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्वों के जीवन से समाज को प्रेरणा और दिशा मिलती है।

प्रो. विघ्नेश कुमार ने कैलाश प्रकाश को त्याग, सेवा और समर्पण की प्रतिमूर्ति बताते हुए कहा कि उन्होंने मेरठ ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र को शिक्षा, समाज सेवा और खेलों के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि मेरठ में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की स्थापना के पीछे यदि किसी एक व्यक्ति का सबसे बड़ा योगदान है, तो वह स्वर्गीय कैलाश प्रकाश का है। इस दौरान कैलाश प्रकाश जन सेवा संस्थान की ओर से मदनपाल शर्मा और कृष्णपाल सिंह को सम्मानित किया गया। वहीं, विभागाध्यक्ष प्रो. कृष्णकांत शर्मा को भी कृष्णपाल सिंह ने स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।कार्यक्रम का संचालन डॉ. कुलदीप कुमार त्यागी ने किया।इस अवसर पर डॉ. योगेश कुमार, डॉ. मनीषा त्यागी, सुभाष चंद्र, जितेंद्र गुप्ता, पवन अग्रवाल, नीरज गर्ग, अमित मांगलिक, ललित मोहन, राजेश यादव, लक्ष्मी प्रकाश, लोकेश शर्मा, विकास, धर्मेंद्र, दीपक, अभिषेक, हिमांशु सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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