आचार्य श्री 108 सौरभ सागर जी महाराज के सान्निध्य में ज्ञानस्थली में पद्म महल का लोकार्पण
मेरठ। ज्ञानस्थली में परम पूज्य आचार्य श्री 108 सौरभ सागर जी महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य में गुरुवार को मस्तकाभिषेक, शांतिधारा एवं नवनिर्मित 'पद्म महल' का लोकार्पण श्रद्धा एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान पूरा परिसर भक्ति, आध्यात्मिक उल्लास और णमोकार मंत्र के जयघोष से गुंजायमान रहा।
आचार्य श्री के ज्ञानस्थली आगमन पर राकेश जैन, मुकेश जैन, सुभाष जैन, उत्कर्ष जैन, चिन्मय जैन, नितिन जैन, प्रतीक जैन, रविन्द्र कुमार जैन एवं रायन जैन ने उनका आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। इसके बाद भगवान जिनेंद्र देव का मस्तकाभिषेक एवं शांतिधारा संपन्न हुई, जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से सहभागिता कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
इसके उपरांत ज्ञानस्थली परिसर में नवनिर्मित 'पद्म महल' का लोकार्पण आचार्य श्री के मंगल आशीर्वाद के साथ किया गया। श्रद्धालुओं ने इसे धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए समाज की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
अपने प्रवचन में आचार्य श्री 108 सौरभ सागर जी महाराज ने कहा कि भव्य भवन तभी सार्थक होते हैं, जब उनमें संस्कार, सेवा, साधना और समाजहित की भावना का निरंतर प्रवाह बना रहे। उन्होंने सभी को धर्म, संयम, अहिंसा और आत्मकल्याण के मार्ग पर चलते हुए समाज एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य नागरिक, महिला मंडल, युवा वर्ग एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने आचार्य श्री के पावन सान्निध्य में धर्मलाभ प्राप्त कर आध्यात्मिक मूल्यों से समृद्ध जीवन जीने का संकल्प लिया।


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