विक्रम-1: स्काईरूट ने रचा इतिहास, पीएम ने दी बधाई
- छह पेलोड पृथ्वी की निचली कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित किएनई दिल्ली (एजेंसी)।भारत का पहला निजी ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च हुआ। यह लॉन्चिंग आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से सुबह 11:30 बजे होनी थी, लेकिन लॉन्च से कुछ देर पहले ही रोक दिया गया था। हालांकि कुछ देर बाद इसे दोबारा शुरू किया गया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्काईरूट एयरोस्पेस को बधाई दी है। वहीं, विक्रम-1 के माध्यम से दो उपग्रहों सहित छह पेलोड को सफलतापूर्वक निम्न-पृथ्वी कक्षा में पहुंचाया।
श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर में मौजूद टीम से फोन पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह 'मिशन आगमन' है। इस आगमन को अभी और आगे बढ़ते जाना है। पीएम मोदी ने स्काईरूट एयरोस्पेस के संस्थापकों से बात करते हुए कहा, 'सबसे पहले स्काईरूट एयरोस्पेस को पूरी टीम को बहुत-बहुत बधाई। मुझे इस सफलता के लिए आनंद है। मैं इस पूरे लॉन्चिंग कार्यक्रम को देख रहा था। आपकी पूरी टीम 20-30 साल की उम्र की दिखती है। ये मुझे और खुशी दे रही थी।'
अब तक भारत में कक्षा में उपग्रह भेजने का काम मुख्य रूप से इसरो के रॉकेटों के जरिए होता रहा है। अगर विक्रम-1 सफल होता है तो भारत की निजी कंपनियां भी स्वतंत्र रूप से व्यावसायिक लॉन्च सेवाएं देने में सक्षम होंगी। आईएन-स्पेस के तकनीकी निदेशक राजेश जोथी के अनुसार यह मिशन छोटे उपग्रहों और छोटे लॉन्च व्हीकल के वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति को मजबूत कर सकता है।


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