ई-रजिस्ट्री हड़ताल के समर्थन में उतरे सांसद और सपा नेता

15वें दिन भी ठप रहा रजिस्ट्री काम, 100 करोड़ से ज्यादा राजस्व का नुकसान

मेरठ। ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल गुरुवार को 15वें दिन भी जारी रही। जिले के सभी छह रजिस्ट्री कार्यालयों में कामकाज प्रभावित रहा। आंदोलन को राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है। गुरुवार को सांसद राजकुमार सांगवान और समाजवादी पार्टी के नेता जीतू नागपाल धरना स्थल पर पहुंचे और अधिवक्ताओं व दस्तावेज लेखकों को समर्थन दिया।

अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों का कहना है कि ई-रजिस्ट्री की नई व्यवस्था से विकास प्राधिकरणों से संबंधित संपत्तियों और अन्य सरकारी डीड्स के पंजीकरण को सीधे ऑनलाइन अथवा निर्धारित केंद्रों के माध्यम से कराने की व्यवस्था से अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों की भूमिका सीमित हो जाएगी।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नई प्रणाली लागू होने से हजारों दस्तावेज लेखक और अधिवक्ता रोजगार संकट का सामना करेंगे। साथ ही आम जनता को भी दिक्कतें होंगी, क्योंकि रजिस्ट्री प्रक्रिया में कानूनी सलाह और दस्तावेजों की जांच की व्यवस्था कमजोर पड़ जाएगी। उनका आरोप है कि सरकार धीरे-धीरे रजिस्ट्री व्यवस्था के निजीकरण की ओर बढ़ रही है।हड़ताल के चलते जिले के छहों रजिस्ट्री कार्यालयों में कामकाज ठप है। इनमें दो कार्यालय कलेक्ट्रेट परिसर, दो मेरठ विकास प्राधिकरण, एक सरधना और एक मवाना में स्थित हैं। आंदोलनकारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रजिस्ट्री कार्यालयों पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।धरना स्थल पर पहुंचे सांसद राजकुमार सांगवान और सपा नेता जीतू नागपाल ने कहा कि वे अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों की लड़ाई में उनके साथ हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा।हड़ताल पर बैठे अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों का दावा है कि पिछले 15 दिनों से रजिस्ट्री कार्य प्रभावित होने के कारण सरकार को 100 करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व का नुकसान हो चुका है। उनका कहना है कि जब तक प्रदेश सरकार ई-रजिस्ट्री संबंधी आदेश वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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