पंजाब में समय से पहले हो सकते हैं विधानसभा चुनाव
भगवंत मान ही होंगे 'आप' का सीएम चेहरा: अरविंद केजरीवाल
पंजाब ,एजेंसी। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि पंजाब विधानसभा चुनाव फरवरी 2027 के बजाय इस साल नवंबर में हो सकते हैं। केजरीवाल ने भगवंत मान को पार्टी के मुख्यमंत्री पद के चेहरे के तौर पर भी पेश किया और कहा, ‘‘हमें उन्हें फिर से मुख्यमंत्री बनाना है।’’
पंजाब की सियासत में एक बार फिर बड़ी हलचल शुरू हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दावा किया है कि पंजाब में विधानसभा चुनाव अपने निर्धारित समय (फरवरी 2027) से पहले, इसी साल नवंबर 2026 में हो सकते हैं। बठिंडा में एक विशाल रोड शो को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने यह बात कही। इसके साथ ही उन्होंने आगामी चुनावों के लिए भगवंत मान को ही पार्टी का मुख्यमंत्री चेहरा घोषित कर दिया है।
केजरीवाल ने भगवंत मान को पार्टी के मुख्यमंत्री पद के चेहरे के तौर पर भी पेश किया और कहा, ‘‘हमें उन्हें फिर से मुख्यमंत्री बनाना है।’’ केजरीवाल ने बठिंडा में मुख्यमंत्री भगवंत मान, आप के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा सहित अन्य नेताओं के साथ रोड शो को संबोधित किया। उन्होंने पिछले महीने हुए नगर निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी के शानदार प्रदर्शन के लिए लोगों का आभार जताया।
बृहस्पतिवार को आम आदमी पार्टी के चार पार्षद बरनाला, मोगा, बटाला और बठिंडा नगर निगमों के महापौर निर्वाचित हुए। केजरीवाल ने कहा, ‘‘मुझे बताया गया है कि चुनाव फरवरी 2027 के बजाय नवंबर 2026 में होंगे। ऐसे में अब केवल चार महीने बचे हैं। हमें अभी से काम में जुट जाना चाहिए और भगवंत मान को फिर से मुख्यमंत्री बनाना है।’’ केजरीवाल ने नगर निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी की ‘‘शानदार जीत’’ के लिए लोगों का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने आठ नगर निगमों, 75 नगर परिषदों और 19 नगर पंचायतों की कुल 1,977 वार्ड सीटों में से 958 पर जीत दर्ज की है। केजरीवाल ने दावा किया, ‘‘पंजाब में आप चार साल से सरकार चला रही है और लोग इसके शासन से खुश हैं।’’
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “पंजाब के लोगों को यह जानना चाहिए कि हाल में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा, अकाली दल और कांग्रेस ने मिलकर मुकाबला किया था। इन दलों ने अपने संसाधन साझा किए, रणनीतियों में तालमेल बिठाया और आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के खिलाफ पर्दे के पीछे एकजुट होकर अभियान चलाया।”
उन्होंने कहा, “ईमानदार सरकार से ये दल घबराए हुए थे, क्योंकि उन्हें एहसास हो गया था कि यदि ‘आप’ की जनसेवा की यात्रा इसी तरह जारी रही, तो भ्रष्टाचार की उनकी दुकानें हमेशा के लिए बंद हो जाएंगी। लेकिन पंजाब की राजनीतिक रूप से जागरूक और दूरदर्शी जनता ने इस गठजोड़ की हकीकत को समझ लिया और ‘आप’ के पक्ष में स्पष्ट जनादेश दिया।” कृषि को पंजाब की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए मान ने किसानों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार खेती-किसानी को मजबूत बनाने और कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए हरसंभव संसाधन उपलब्ध कराती रहेगी।


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