दीक्षोत्सव में उमड़ा प्रतिभाओं का सैलाब, चित्रकला प्रतियोगिताओं में रिकॉर्ड तोड़ भागीदारी”

 कला प्रतिभाओं का भव्य प्रदर्शन, प्रतियोगिताओं में अभूतपूर्व सहभागिता”

भागीदारी के साथ संपन्न हुईं दीक्षोत्सव की चित्रकला प्रतियोगिताएँ”

 मेरठ। भयंकर गरमी में ग्रीष्मकालीन  अवकाश तथा परीक्षाओं के चलते हुए भी दीक्षोत्सव 2026 अवसर पर ललित कला संस्थान में आयोजित चित्रकला प्रतियोगिताओं में  प्रतिभागियों का उत्साह और जोश देखते ही बना अभूतपूर्व भागीदारी गवाह बनी प्रतियोगिताएँ।

 कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल  आनंदीबेन पटेल तथा चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, की कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला के कुशल नेतृत्व, दूरदर्शी मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से दीक्षोत्सव-2026 के अवसर पर ललित कला संस्थान, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ द्वारा नव पहल एवं नवाचार” पर आधारित “नारी शक्ति वंदन” विषय पर विभिन्न सृजनात्मक एवं कलात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला द्वारा माँ शारदा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन कर किया गया। अपने उद्बोधन में माननीय कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला ने कहा कि नारी समाज की प्रेरक शक्ति है तथा उसके सम्मान और सशक्तिकरण के बिना किसी भी राष्ट्र का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि कला समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रभावी माध्यम है।

कार्यक्रम की संयोजिका प्रोफेसर अलका तिवारी ने बताया कि  दीक्षोत्सव उत्सव में अब तक की  सबसे बड़ी प्रतिभागिता रही। उन्होंने  कहा कि कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता का सशक्त उपकरण भी है। नारी शक्ति वंदन विषय पर विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत कृतियाँ महिलाओं के प्रति सम्मान, समानता और सशक्तिकरण का प्रभावी संदेश देती हैं। 

ललित कला संस्थान में पोस्टर प्रतियोगिता, स्लोगन प्रतियोगिता एवं रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय परिसर एवं संबद्ध महाविद्यालयों के कुल 257 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। जो अभी दीक्षोत्सव के कार्यक्रमों में सबसे बड़ी प्रतिभागिता रही है इनमें स्लोगन प्रतियोगिता में 119, पोस्टर प्रतियोगिता में 112तथा रंगोली प्रतियोगिता में 26 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने नारी सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता, सामाजिक समानता एवं राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका को अपनी रचनात्मक अभिव्यक्तियों के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। पोस्टर प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने आकर्षक एवं संदेशपरक चित्रों के माध्यम से नारी शक्ति को चित्रित किया। स्लोगन प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने प्रेरणादायी नारों के माध्यम से नारी सम्मान एवं सशक्तिकरण का संदेश दिया। वहीं रंगोली प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने नारी के विविध स्वरूपों, उपलब्धियों एवं योगदान को रंगों के माध्यम से सजीव रूप प्रदान किया।

इस अवसर पर प्रोफेसर हरे कृष्ण, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर भूपेन्द्र सिंह, पुस्तकालयाध्यक्ष प्रोफेसर जे. ए. सिद्दीकी, प्रोफेसर के. के शर्मा , प्रोफेसर नीलू जैन उपस्थित रहीं। सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों की सृजनात्मकता, नवाचार एवं कलात्मक अभिव्यक्ति की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर हरे कृष्ण ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता को विकसित करने के साथ-साथ उनमें सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूकता भी उत्पन्न करती हैं।अति विशिष्ट अतिथि एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि आज महिलाएँ प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त कर रही हैं और विद्यार्थियों की ये रचनाएँ समाज में सकारात्मक संदेश प्रसारित करेंगी।पुस्तकालयाध्यक्ष प्रोफेसर जे. ए. सिद्दीकी ने कहा कि नारी शक्ति राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है तथा विद्यार्थियों को ज्ञान और रचनात्मकता के माध्यम से समाज के विकास में योगदान देना चाहिए। प्रोफेसर नीलू जैन ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, सृजनात्मक चिंतन एवं सामाजिक चेतना के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

निर्णायक मंडल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत कृतियों में विषय की गहन समझ, कलात्मक उत्कृष्टता, सामाजिक संवेदनशीलता एवं नवाचार का प्रभावशाली समन्वय देखने को मिला। नारी शक्ति वंदन विषय पर विद्यार्थियों की रचनात्मक अभिव्यक्तियाँ महिला सम्मान, समानता एवं सशक्तिकरण के संदेश को प्रभावी रूप से जन-जन तक पहुँचाने में सक्षम हैं।

प्रतियोगिताओं के विजेताओं को दीक्षोत्सव-2026 के मुख्य समारोह में माननीय कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला एवं विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पुरस्कार, प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए जाएंगे।प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में डॉ. रंजू त्यागी, डॉ. प्रिंस कुमार, सुश्री शिवानी रस्तोगी, डॉ. डिम्पल गोयल, डॉ. शुभा शर्मा, डॉ. विष्णु, डॉ. खालिद तथा समाजसेविका श्रीमती अलका रानी शामिल रहीं।

अंत में कार्यक्रम संयोजिका प्रोफेसर अलका तिवारी ने सभी अतिथियों, निर्णायक मंडल, प्रतिभागियों, शिक्षकों एवं आयोजन समिति के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ललित कला संस्थान भविष्य में भी कला, संस्कृति, नवाचार एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े ऐसे रचनात्मक आयोजनों का निरंतर आयोजन करता रहेगा।

सभी प्रतियोगिताओं का परिणाम इस प्रकार रहा-

विश्वविद्यालय परिसर (कैंपस) पोस्टर प्रतियोगिता परिणाम

प्रथम पुरस्कार – सिद्धान्त यादव, बी.एफ.ए. (एप्लाइड आर्ट), ललित कला संस्थान

द्वितीय पुरस्कार – विनिता गुप्ता, एम.एफ.ए. (फाइन आर्ट – पेंटिंग)

तृतीय पुरस्कार – कशिश, बी.एफ.ए., ललित कला संस्थान

प्रोत्साहन पुरस्कार – वंशिका चौहान (इतिहास विभाग), परी सोनी (ललित कला संस्थान), दक्ष शर्मा (ललित कला संस्थान) एवं उज्ज्वल (बी.एफ.ए., एप्लाइड आर्ट, ललित कला संस्थान)

महाविद्यालय वर्ग पोस्टर प्रतियोगिता परिणाम

प्रथम पुरस्कार – पवन कुमार, रुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मवाना

द्वितीय पुरस्कार – गुरप्रीत, मंगलमय इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, ग्रेटर नोएडा

तृतीय पुरस्कार – खुशबू रानी, रुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मवाना

सांत्वना पुरस्कार – शीतल ठाकुर (रुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मवाना), रक्षिता चौधरी (मेरठ कॉलेज, मेरठ) एवं अर्पण (रुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी)



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