आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह कल एसआईटी से मिलेंगे
राम मंदिर चढ़ावा मामले में सौंपेंगे सबूत
लखनऊ ,एजेंसी। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आप सांसद संजय सिंह गुरुवार सुबह 11 बजे SIT से मिलेंगे। वो मामले से जुड़े अहम सबूत और जमीन घोटाले से संबंधित दस्तावेज सौंपेंगे। एसआईटी ने हालिया आरोपों के बाद उन्हें बुलाया है। संजय सिंह ने वीडियो में बताया कि वह लखनऊ में प्रभु श्रीराम मंदिर में हुए चढ़ावा और चंदा चोरी की जांच में सहयोग करेंगे।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में नई जानकारी सामने आई है। आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह को एसआईटी ने गुरुवार सुबह 11 बजे का समय दिया है। वो विजय विश्वास पंत से मुलाकात कर मामले से जुड़े सबूत सौंपेंगे। बताया जा रहा है कि संजय सिंह 20 जून से एसआईटी से मिलने का समय मांग रहे थे। हाल ही में लगाए गए आरोपों के बाद एसआईटी ने उन्हें बुलाया है। अब इस मुलाकात को जांच के लिए अहम माना जा रहा है।
एसआईटी से मुलाकात का समय मिलने पर सांसद संजय सिंह ने एक वीडियो जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम जी के मंदिर में हुए चढ़ावा और चंदा चोरी की जांच करने वाली एसआईटी ने 25 जून को सुबह 11 बजे लखनऊ मंडलायुक्त कार्यालय पर मुझे बुलाया है। मैं जमीन घोटाले से संबंधित सारे दस्तावेज एसआईटी के अध्यक्ष को सौंपूंगा।
आखिर चंदा चोर अभी तक ट्रस्ट में कैसे हैं?
इससे पहले एक पोस्ट में आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने लिखा था, 2 करोड़ की जमीन 18.5 करोड़ में, 3 करोड़ की जमीन 24 करोड़ में, 9 करोड़ की जमीन 55.47 करोड़ में चंपत राय ने खरीदी। सारे सबूत मेरे पास हैं। मुझे आज तक एसआईटी ने मिलने का समय नहीं दिया। आखिर चंदा चोर अभी तक ट्रस्ट में कैसे हैं? ट्रस्ट मोदी ने बनाया, लूट का माल बीजेपी को पहुंचा। बीजेपी उसी पैसे से देशभर में सांसद विधायक खरीद रही है। यही कारण है मोदी अब तक चंदा चोरी पर खामोश हैं।
निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग
इसी मामले में एक अन्य पोस्ट में उन्होंने 21 जून को लिखा, भगवान श्रीराम के दानपात्र में हुए दान घोटाले के विरोध में आप के कार्यकर्ताओं ने भिक्षाटन कर अपना विरोध दर्ज कराया। वाराणसी में जिलाध्यक्ष कैलाश पटेल के नेतृत्व में जनता से ₹420 का प्रतीकात्मक सहयोग एकत्र कर चंपत राय को चेक भेजा और दान की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई। साथ ही चंपत राय और इस पूरे मामले में शामिल लोगों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।


No comments:
Post a Comment