अब बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेगी कोई भी सीरप
पिछली घटनाओं से सबक लेते हुए केंद्र ने कड़ा और बड़ा कदम उठाया
केंद्र ने ड्रग्स रूल्स, 1945 में महत्वपूर्ण संशोधन किया
दवाएं सख्त नियामक आवश्यकताओं के अधीन होंगी
कफ सीरप से मध्यप्रदेश में हो चुकी 28 बच्चों की मौत
नई दिल्ली। पूरे देश में अब बिना डॉ़क्टर की पर्ची के किसी भी मेडिकल स्टोर से सीरप नहीं मिल सकेगा। यह कदम देशभर में हो रही कफ सीरप की कालाबाजारी और बच्चों की मौत के बाद केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाया है।
बतादें कि हाल ही में मध्यप्रदेश में कफ सीरप से ही 28 बच्चों की मौत हो चुकी है। यही नहीं, राजधानी भोपाल में भी फर्जी कफ सीरप फैक्ट्री का एटीएस ने भांडाफोड़ किया है। दरअसल, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने मंगलवार को एक अधिसूचना जारी की है, जिसके तहत कफ सीरप समेत सीरप वाली दवाएं अब बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेंगी। अब ऐसी दवाएं खरीदने के लिए उपभोक्ताओं को डॉक्टर की पर्ची की जरूरत होगी। यह बदलाव केंद्र सरकार द्वारा ड्रग्स रूल्स, 1945 में ड्रग्स (5वां संशोधन) रूल्स, 2026 के जरिए संशोधन करने के बाद आया है। इस संशोधन को 9 जून को आफिशियल गजट में नोटिफाई किया गया था।
केंद्र सरकार ने यह किया संशोधन
इस संशोधन के तहत ड्रग्स रूल्स, 1945 की अनुसूची के के सीरियल नंबर-13 के आइटम नंबर (7) से सीरप शब्द को हटा दिया गया है। अनुसूची के में उन दवाओं की श्रेणी की सूची है जिन्हें कुछ खास शर्तों के साथ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के चैप्टर आईवी के कुछ प्रावधानों से छूट मिली हुई है। सूची से सीरप को हटाने के बाद अब ऐसी दवाएं लागू रेगुलेटरी जरूरतों के दायरे में आ जाएंगी।
आम जनता से मांगा था सुझाव
दावा किया जा रहा है कि उक्त संशोधन 29 दिसंबर, 2025 को जारी उस ड्राफ्ट नोटिफिकेशन के बाद किया गया है, जिसमें स्टेकहोल्डर्स और आम जनता से आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे। सरकार ने कहा कि फाइनल नोटिफिकेशन जारी करने से पहले ड्राफ्ट नियमों पर मिली सभी टिप्पणियों पर विचार किया गया था। अब उक्त अधिनियम की धारा 12 और 33 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड से सलाह-मशविरा करने के बाद ड्रग्स रूल्स, 1945 में और संशोधन करने के लिए नियम बनाती है।
हटाया गया सीरप शब्द
संशोधन में कहा गया है कि ड्रग्स रूल्स, 1945 में, शेड्यूल के के क्लास आफ ड्रग्स (दवाओं की श्रेणी) वाले कॉलम में सीरियल नंबर-13 के सामने आइटम नंबर (7) से सीरप शब्द हटा दिया जाएगा। यह नोटिफिकेशन ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड से सलाह-मशविरे के बाद जारी किया गया था। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत बनाए गए ड्रग्स रूल्स, 1945 भारत में दवाओं के निर्माण, बिक्री और वितरण को रेगुलेट करते हैं।


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