कानुपर से सेटबैक का सर्वे करने पहुंची शास्त्री नगर सेक्टर दो 

टीम रिपोर्ट तैयार कर विभाग को सौंपेगी 

 मेरठ।  मेरठ के शास्त्रीनगर में सेटबैक विवाद के बीच सोमवार को कानपुर से आई विशेषज्ञों की टीम ने आवास विकास परिषद के अधिकारियों के साथ सेक्टर-2 के चिन्हित मकानों का निरीक्षण किया। टीम ने टीम ने करीब डेढ़ घंटे तक कई मकानों के अंदर जाकर उनकी वास्तविक स्थिति देखी कि सेटबैक के लिए घरों का हिस्सा हटाने पर कितना नुकसान हो सकता है। 
निरीक्षण के दौरान कई मकान काफी जर्जर हालत में मिले। कुछ मकानों में प्लास्टर इतना कमजोर था कि हाथ लगाने पर ही उखड़ रहा था। टीम ने दीवारों, नींव और घरों की मजबूती की जांच की। अधिकारियों का कहना है कि निरीक्षण की रिपोर्ट तैयार कर विभाग को भेजी जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।

वहीं सेक्टर 2 के निवासी हरी पुजानी ने बताया कि करीब 10 लोगों की टीम निरीक्षण के लिए आई थी। इनमें चार लोग कानपुर से आए थे, जबकि बाकी आवास विकास के अधिकारी थे। उन्होंने बताया कि टीम ने कई मकानों के अंदर जाकर वास्तविक स्थिति देखी। उनके अनुसार क्षेत्र के करीब 90 प्रतिशत मकान पिलर पर नहीं बने हैं, बल्कि ईंटों की दीवारों पर आधारित हैं। ऐसे में यदि सेटबैक के लिए दीवारें तोड़ी जाती हैं तो मकानों के गिरने का खतरा पैदा हो सकता है। हरी पुजानी ने कहा कि अधिकारियों की ओर से कोई आश्वासन नहीं दिया गया, लेकिन मकानों की स्थिति देखने के बाद लोगों को उम्मीद है कि इस क्षेत्र में सेटबैक लागू करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों का पक्ष अब तक सर्वोच्च न्यायालय में सही तरीके से नहीं रखा गया है। यदि उनका पक्ष सुना जाएगा तो न्यायालय भी वास्तविक स्थिति को समझते हुए उचित फैसला देगा।वहीं दूसरी ओर सेटबैक के विरोध में सेक्टर-2 के तिरंगा रोड और सेक्टर-4 चौराहे पर महिलाओं का धरना सोमवार को भी जारी रहा। धरने पर बैठीं महिलाओं ने हनुमान चालीसा का पाठ किया और भगवान से अपने घर और प्रतिष्ठान बचाने की प्रार्थना की।

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