राहुल गांधी की फिर बढ़ी मुश्किलें
बोस्टन में भगवान राम को लेकर दिए बयान पर कोर्ट ने निचली अदालत का आदेश किया रद्द
वाराणसी। अपनी बयानबाजी को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की एक बार फिर मुश्किलें बढ़ गई हैं। वाराणसी की एक कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज परिवाद को फिर से सुनने का आदेश दिया है। वाराणसी की एमपी-एमएलए कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। राहुल गांधी के खिलाफ भगवान राम पर टिप्पणी के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को रद्द कर दिया गया है।
बता दें , राहुल गांधी पर आरोप है कि उन्होंने 5 मई 2025 को अमेरिका के बोस्टन में भगवान राम को लेकर बयान दिया था। इस पर वाराणसी के हरिशंकर पांडेय ने केस किया था। ACJM कोर्ट ने यह कहते हुए केस खारिज कर दिया था कि विदेश में दिए बयान पर केंद्र की अनुमति जरूरी है।
निचली अदालत फिर से करे सुनवाई
अब रिवीजन कोर्ट ने कहा है कि केस दर्ज करने के लिए अभी केंद्र की अनुमति जरूरी नहीं है। राहुल गांधी सांसद हैं, लोकसेवक नहीं, इसलिए दूसरी अनुमति भी नहीं चाहिए। कोर्ट ने आदेश दिया कि निचली अदालत इस मामले को फिर से सुने और कानून के मुताबिक फैसला करें।
जानिए भगवान राम को लेकर क्या बोले थे राहुल गांधी
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पिछले साल मई 2025 में अमेरिका के बोस्टन स्थित ब्राउन यूनिवर्सिटी (Brown University) में आयोजित एक कार्यक्रम में भगवान राम का उल्लेख करते हुए उन्हें पौराणिक (Mythological) व्यक्तित्व बताया था। इस दौरान गांधी ने कहा था कि भारत की परंपरा करुणा, सहिष्णुता और सभी को साथ लेकर चलने की रही है तथा भगवान राम को उन्होंने क्षमाशील और दयालु व्यक्तित्व के रूप में प्रस्तुत किया।
वाराणसी में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज हुई थी शिकायत
राहुल गांधी के इसी बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। वाराणसी में राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई गई। बीजेपी ने कांग्रेस पर हिंदू आस्थाओं का अपमान करने का आरोप लगाया था। साथ ही भाजपा नेताओं ने इसे भगवान राम को काल्पनिक या पौराणिक पात्र बताने वाला बयान बताते हुए कांग्रेस की आलोचना की थी।


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