मेरठ से भाजपा के खिलाफ त्यागी समाज का बिगुल! 

राष्ट्रीय अध्यक्ष बोले- लगातार हो रही राजनीतिक उपेक्षा

मेरठ। राष्ट्रीय त्यागी भूमिहार ब्राह्मण समाज समिति ने प्रदेश में त्यागी समाज की राजनीतिक भागीदारी को लेकर असंतोष जताते हुए मेरठ से जनजागरण अभियान और आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी मांगेराम त्यागी ने शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि क्रांति की भूमि मेरठ से समाज के सम्मान और राजनीतिक अधिकारों के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा।

चौधरी मांगेराम त्यागी ने कहा कि मेरठ-सहारनपुर क्षेत्र त्यागी बहुल इलाका है, जहां समाज की आबादी और मतदाताओं की संख्या लगभग पांच से छह प्रतिशत के बीच है। इसके बावजूद राजनीतिक दलों, विशेष रूप से भारतीय जनता पार्टी में त्यागी समाज की लगातार उपेक्षा की जा रही है।

उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में पूर्व की सरकारों के दौरान चाहे कांग्रेस का शासन रहा हो, समाजवादी पार्टी या बहुजन समाज पार्टी की सरकार, त्यागी समाज को मंत्रिमंडल और संगठन में प्रतिनिधित्व मिलता रहा। उन्होंने कहा कि पूर्व में समाज के कई दिग्गज नेता संसद और सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। इनमें प्रकाश वीर शास्त्री, महावीर त्यागी, शांति स्वरूप त्यागी और केसी त्यागी जैसे नेताओं का नाम प्रमुख रूप से लिया।

समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा की वर्तमान प्रदेश कार्यकारिणी में भी त्यागी समाज को अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिला। उन्होंने कहा कि संगठन में केवल बसंत त्यागी को ही दोबारा स्थान दिया गया है, जबकि अन्य योग्य कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर दिया गया।

उन्होंने मेरठ नगर निगम का उदाहरण देते हुए कहा कि पिछले कार्यकाल में त्यागी समाज का केवल एक पार्षद था, लेकिन इस बार उसे भी पार्टी ने टिकट नहीं दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि मेरठ-सहारनपुर क्षेत्र के पहले एमएलसी रहे राजकुमार त्यागी का टिकट भी पूर्व में काट दिया गया था, जिसे समाज आज भी अपनी राजनीतिक उपेक्षा के रूप में देखता है।

चौधरी मांगेराम त्यागी ने विभिन्न समाजों के जनप्रतिनिधियों की संख्या का उल्लेख करते हुए कहा कि मेरठ-सहारनपुर क्षेत्र में जाट समाज के दस विधायक और दो एमएलसी, गुर्जर समाज के छह विधायक और एक एमएलसी तथा ब्राह्मण समाज के चार विधायक और दो एमएलसी हैं, जबकि त्यागी समाज के हिस्से में केवल एक विधायक और एक एमएलसी हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक असंतुलन बताते हुए समाज के साथ न्याय किए जाने की मांग की।

उन्होंने कहा कि त्यागी समाज लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी का समर्थक रहा है और राष्ट्रहित तथा अपनी वैचारिक प्रतिबद्धता के कारण लगातार पार्टी का साथ देता आया है। इसके बावजूद समाज को संगठन और सत्ता में उचित भागीदारी नहीं मिल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इस बार पश्चिम उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय अध्यक्ष पद पर भी त्यागी समाज को प्रतिनिधित्व मिलने की उम्मीद थी, लेकिन वहां भी समाज को नजरअंदाज कर दिया गया।


समिति ने स्पष्ट किया कि आगामी दिनों में मेरठ से जनजागरण अभियान शुरू किया जाएगा, जिसके माध्यम से समाज को संगठित कर राजनीतिक भागीदारी और प्रतिनिधित्व के मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा।

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