नौकरी का झांसा देकर युवाओं को जोड़ा, फिर क्यूआर कोड भेजकर उड़ाए करोड़ों रूपये
मेरठ। साइबर सेल और थाना नौचंदी पुलिस की संयुक्त टीम ने फर्जी स्पा, मसाज होम सर्विस और टूर एंड ट्रैवल कंपनी के नाम पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के कथित मास्टरमाइंड यूनुस और उसकी महिला सहयोगी लिजा को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी यूनुस अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर कथित तौर पर "अभिराज" नाम से फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर रहा था। आरोप है कि इसी फर्जी पहचान के माध्यम से उसने कई स्थानीय युवक-युवतियों को नौकरी और कमाई का झांसा देकर अपने नेटवर्क से जोड़ा और ठगी के कारोबार को संचालित किया।
जांच में सामने आया है कि गिरोह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और जस्टडायल जैसी वेबसाइटों पर फर्जी स्पा और मसाज होम सर्विस के आकर्षक विज्ञापन प्रकाशित करता था। जब ग्राहक संपर्क करते थे, तो उन्हें बुकिंग के नाम पर क्यूआर कोड भेजकर अलग-अलग बैंक खातों में एडवांस राशि जमा करा ली जाती थी। भुगतान के बाद न तो कोई सेवा उपलब्ध कराई जाती थी और न ही रकम वापस की जाती थी।
पुलिस का यह भी दावा है कि आरोपियों ने 'यूनिवर्सल टूर एंड ट्रैवल' के नाम से एक कथित फर्जी कंपनी बनाकर तीर्थ यात्रा और हज यात्रा पर भेजने का झांसा देकर भी लोगों से बड़ी रकम वसूली। आरोप है कि प्रति व्यक्ति एक से दो लाख रुपये तक लेकर यात्राओं की व्यवस्था करने का दावा किया जाता था, जबकि बाद में पीड़ितों को ठगी का शिकार होना पड़ता था।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, पिछले दो वर्षों के दौरान यह गिरोह करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दे चुका है। हालांकि, पुलिस अभी इस रकम का विस्तृत सत्यापन कर रही है।
संयुक्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4.16 लाख रुपये नकद, एक बलेनो कार, लैपटॉप, मोबाइल फोन और कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं। लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के बैंक खातों, डिजिटल लेन-देन और संभावित सहयोगियों की भी जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा ठगी का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ था। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।


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