उत्साह एवं स्वस्थ  जीवनशैली के संकल्प के साथ मनाया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है- कुलपति 

मेरठ।मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 का भव्य एवं प्रेरणादायक आयोजन विश्वविद्यालय के निर्माणाधीन परिसर, सलावा में किया गया। इस वर्ष की वैश्विक थीम "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग  पर आधारित यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग सप्ताह 2026 (15–21 जून 2026) के समापन समारोह के रूप में संपन्न हुआ। पूरे सप्ताह विभिन्न योग एवं स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें विद्यार्थियों के लिए निबंध लेखन प्रतियोगिता, योग विषयक विशेषज्ञ व्याख्यान  तथा प्रसिद्ध योग विशेषज्ञ सुनील सैनी का प्रेरणादायक संबोधन प्रमुख आकर्षण रहे। योग को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय एवं आसपास के विभिन्न स्थानों पर योगासन सत्र आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य, पर्यावरण एवं सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने हेतु साइकिल रैली तथा वृक्षारोपण अभियान का भी सफल आयोजन किया गया। समापन समारोह में रविवार को विद्यार्थियों, शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, योग साधकों, ग्राम प्रतिनिधियों एवं विशिष्ट अतिथियों के साथ विश्वविद्यालय भवन निर्माण करने वाले श्रमिकों कुल 453 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा नियमित योगाभ्यास को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का आधार बनाने का संकल्प लिया. 

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रतिभागियों द्वारा भारत के  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस संबोधन के सजीव प्रसारण को देखने के साथ हुआ। प्रधानमंत्री के प्रेरणादायी उद्बोधन में योग को भारत की अमूल्य धरोहर बताते हुए इसे शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन, आत्मिक शांति एवं वैश्विक एकता का प्रभावी माध्यम बताया गया। उनके विचारों ने उपस्थित जनसमूह को योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने हेतु प्रेरित किया।

प्रातः 6:00 बजे विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) दीप अहलावत सहित विशिष्ट अतिथियों एवं योग विशेषज्ञों दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया, जो ज्ञान, स्वास्थ्य, सकारात्मकता एवं जागरूकता का प्रतीक है। तत्पश्चात प्रतियोगियों एवं श्रमिकों को विश्वविद्यालय की ओर से टी-शर्ट वितरण किया गया।

अतिथियों एवं योग विशेषज्ञों का विश्वविद्यालय एवं पौध भेंट कर सम्मान किया गया, तथा जो भारतीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण एवं समग्र विकास के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके उपरांत प्रतिभागियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस तथा इस वर्ष की थीम "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" के महत्व से अवगत कराया गया। 



कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित कॉमन योग प्रोटोकॉल  का सामूहिक अभ्यास रहा, जो प्रातः 7:15 बजे से 8:00 बजे तक आयोजित किया गया। सैकड़ों विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं अतिथियों ने प्रार्थना, शिथिलीकरण क्रियाएँ, खड़े होकर किए जाने वाले आसन, बैठकर किए जाने वाले आसन, पेट एवं पीठ के बल किए जाने वाले आसन, कपालभाति, प्राणायाम, ध्यान एवं संकल्प जैसी विभिन्न योग क्रियाओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी प्रतिभागियों की सामूहिक सहभागिता ने अनुशासन, एकाग्रता एवं सामूहिक कल्याण का वातावरण निर्मित किया।

कॉमन योग प्रोटोकॉल के उपरांत सामूहिक सूर्य नमस्कार सत्र आयोजित किया गया। प्रतिभागियों ने पूर्ण समर्पण एवं अनुशासन के साथ सूर्य नमस्कार का अभ्यास किया, जिससे योग द्वारा शक्ति, लचीलापन, एकाग्रता, सहनशक्ति एवं समग्र स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित किया गया।

कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण लक्ष्य योग अकादमी, ऋषिकेश द्वारा शिवम् के निर्देशन में प्रस्तुत योग प्रदर्शन रहा। योग साधकों ने उन्नत योग मुद्राओं, लचीलेपन, संतुलन एवं एकाग्रता का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भारतीय योग परंपरा की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित किया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा।

अंतर्राष्ट्रीय योग सप्ताह 2026 के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं एवं प्रतिभागियों को इस अवसर पर प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए गए। निबंध लेखन प्रतियोगिता, योग पोज़ चैलेंज प्रतियोगिता सहित विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को कुलपति द्वारा सम्मानित किया गया। यह सम्मान योग के प्रति उनकी रुचि, रचनात्मकता एवं समर्पण का प्रतीक था।

ग्रामीण स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने तथा युवाओं में शारीरिक सक्रियता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए ग्रामों सलावा एवं कैली के ग्राम प्रधानों एवं ग्राम प्रतिनिधियों को खेल सामग्री का वितरण किया गया। माननीय कुलपति ने ग्राम प्रतिनिधियों से ग्रामीण युवाओं को खेलों एवं शारीरिक गतिविधियों में अधिकाधिक अवसर उपलब्ध कराने का आह्वान किया।

इस अवसर पर अपने संबोधन में कुलपति मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) दीप अहलावत ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि योग एक कालजयी साधना है, जो जीवन के प्रत्येक चरण में व्यक्ति को स्वस्थ, सक्रिय, संतुलित एवं सार्थक जीवन जीने की शक्ति प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि आयु कभी भी स्वास्थ्य, ऊर्जा, उत्पादकता या प्रसन्नता में बाधा नहीं बननी चाहिए तथा नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक रूप से सशक्त बनाता है।

उन्होंने आगे कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है, जो व्यक्ति, समाज एवं राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जब व्यक्ति स्वस्थ, अनुशासित एवं उत्पादक बनता है तो समाज का विकास होता है और समाज के विकास से राष्ट्र सशक्त बनता है। उन्होंने कहा कि योग का व्यापक प्रसार "विकसित भारत 2047" के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं युवाओं से योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने, अनुशासन, आत्म-विकास एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। उनका प्रेरणादायी संबोधन उपस्थित सभी प्रतिभागियों के लिए अत्यंत प्रेरक एवं मार्गदर्शक रहा।

कार्यक्रम के अंत में प्रो. योगेश कुमार, संयोजक, अंतर्राष्ट्रीय योग सप्ताह 2026 द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने माननीय कुलपति, विशिष्ट अतिथियों, योग विशेषज्ञों, प्रतिभागियों, शिक्षकों, कर्मचारियों, स्वयंसेवकों एवं आयोजन समिति के सदस्यों का कार्यक्रम की सफलता में योगदान हेतु आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान, सामूहिक छायाचित्र एवं स्वास्थ्यवर्धक अल्पाहार के साथ हुआ।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 का सफल आयोजन विश्वविद्यालय के  कुलपति मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) दीप अहलावत के कुशल नेतृत्व तथा कुलसचिव  सुनील कुमार झा के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। इस आयोजन के संयोजक के रूप में प्रो. योगेश कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यक्रम के सफल संचालन में प्रो. सत्यंत कुमार (डीन अकादमिक), डॉ. पूनम भंडारी, डॉ. सोनिया राणा, डॉ. फरहा हाशमी तथा डॉ. शिवांश पाल का सक्रिय सहयोग एवं अमूल्य योगदान प्राप्त हुआ, जिससे आयोजन की सफलता और अधिक सुदृढ़ हुई।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों, अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वयंसेवकों एवं विद्यार्थियों ने योजनाबद्ध तैयारी, प्रभावी समन्वय तथा विभिन्न गतिविधियों के सफल संचालन हेतु समर्पित भाव से कार्य किया। सभी के सामूहिक प्रयास, उत्साह, प्रतिबद्धता एवं टीम भावना ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के आयोजन को भव्य एवं ऐतिहासिक सफलता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उत्तर प्रदेश के प्रथम एवं एकमात्र खेल विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय राज्य के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से निरंतर कार्यरत है।  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी तथा उत्तर प्रदेश के  मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ  की प्रेरणा से विश्वविद्यालय खेल उत्कृष्टता, फिटनेस, युवा सशक्तिकरण, प्रतिभा खोज एवं समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। अंतर्राष्ट्रीय योग सप्ताह एवं अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस जैसे आयोजनों के माध्यम से विश्वविद्यालय फिट इंडिया, खेलो इंडिया एवं विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

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