खेल विवि में 8 खेलों के कोचिंग कोर्स शुरू
एनआईएस पटियाला के डिप्लोमा के बराबर मिलेगी मान्यता
कोच भर्ती में राज्य विश्वविद्यालयों के डिप्लोमा स्वीकार्य
मेरठ। सत्र 2026-27 में खेल विश्वविद्यालय की ओर से पीजी डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स कोचिंग के कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। विशेष बात यह है कि यह सभी कोर्स एनआईएस पटियाला में संचालित स्पोर्ट्स कोचिंग की ही तरह मान्य होंगे और भर्तियों में स्वीकार किए जाएंगे। विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स कोचिंग के तहत एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बाक्सिंग, हाकी, कबड्डी, कुश्ती, घुड़सवारी व योग खेलों में पीजी डिप्लोमा के स्पोर्ट्स कोचिंग कोर्स में प्रवेश के लिए पंजीकरण चल रहे हैं। खेल विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए 15 जुलाई तक पंजीकरण चलेंगे।
खेल विश्वविद्यालय ने कोर्स शुरू करने के साथ ही वेबसाइट पर खेल मंत्रालय की ओर से आठ अगस्त 2018 को जारी पत्र भी अपलोड किया है जिसमें खेल प्रशिक्षकों की भर्तियों में राज्य खेल विश्वविद्यालयों के पीजी डिप्लामा को भी मान्य किया गया है।
युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय ने उक्त पत्र में स्पष्ट किया है कि मान्यता प्राप्त राज्य खेल विश्वविद्यालयों से स्पोर्ट्स कोचिंग में पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) डिप्लोमा प्राप्त अभ्यर्थियों को भी प्रशिक्षक भर्ती में पात्र माना जाएगा। उनके डिप्लोमा को नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान (एनएसएनआइएस) पटियाला और लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (एलएनआईपीई) ग्वालियर के डिप्लोमा के समकक्ष माना जाएगा।
मंत्रालय के संज्ञान में आया था कि कई राज्यों और संस्थानों की ओर से खेल प्रशिक्षकों की भर्ती में केवल एनएसएनआईएस और एलएनआईपीई के डिप्लोमा धारकों को ही पात्र माना जा रहा था। इससे राज्य खेल विश्वविद्यालयों से स्पोर्ट्स कोचिंग में पीजी डिप्लोमा करने वाले अभ्यर्थी आवेदन से वंचित हो रहे थे। इस विसंगति को दूर करने के लिए खेल मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा एवं खेल विभागों को निर्देश जारी किए हैं।
मंत्रालय ने कहा है कि यूजीसी से मान्यता प्राप्त राज्य खेल विश्वविद्यालयों द्वारा संचालित स्पोर्ट्स कोचिंग के पीजी डिप्लोमा को भी भर्ती नियमों में शामिल किया जाए और उन्हें एनएसएनआईएस तथा एलएनआईपीई के डिप्लोमा के बराबर मान्यता दी जाए।
मंत्रालय के अनुसार राज्य सरकारों द्वारा स्थापित और यूजीसी अधिनियम की धारा 2(एफ) के तहत मान्यता प्राप्त खेल विश्वविद्यालयों की डिग्रियां एवं डिप्लोमा पूरी तरह वैध हैं। ऐसे में उनके विद्यार्थियों के साथ भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए।
मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत (सेनि) के अनुसार स्पोर्ट्स कोचिंग के कोर्स प्रशिक्षकों को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण देने के लिए विकसित किए गए हैं जिससे बेहतर कोच तैयार हो सकें तो देश के ओलिंपिक मिशन के लिए बेहतरी खिलाड़ी तैयार कर सकें।


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