फ्रांस में 5,000 मीटर दौड़ में राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा

15 मिनट 04.26 सेकंड के साथ दूसरा स्थान पाया

आगामी एशियाई खेलों के लिए दावेदारी मजबूत की

 मेरठ। मेरठ की ओलिंपियन और भारतीय एथलेटिक्स की स्टार धाविका पारुल चौधरी ने एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है। पारुल ने फ्रांस के नीस शहर में आयोजित प्रतिष्ठित मीटिंग निकाइया-2026 प्रतियोगिता में महिलाओं की 5,000 मीटर दौड़ में अपना ही राष्ट्रीय रिकार्ड तोड़ते हुए नया इतिहास रच दिया।

उन्होंने 15 मिनट 04.26 सेकंड का समय निकालकर दूसरा स्थान हासिल किया और तीन वर्ष पहले बनाए गए अपने राष्ट्रीय रिकार्ड 15 मिनट 10.35 सेकंड को पीछे छोड़ दिया। 31 वर्षीय पारुल चौधरी शानदार लय में नजर आईं और अंत तक स्वर्ण पदक की दौड़ में बनी रहीं। हालांकि इथियोपिया की बेरेका सेनिया मोहम्मद ने 15 मिनट 03.85 सेकेंड का समय निकालकर मीट रिकार्ड के साथ पहला स्थान हासिल किया। फ्रांस की एलेसिया जार्बो 15 मिनट 16.83 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।

पारुल ने वर्ष 2023 में अमेरिका के लास एंजिलिस में 15 मिनट 10.35 सेकेंड का समय निकालकर राष्ट्रीय रिकार्ड बनाया था। उस समय उन्होंने प्रीजा श्रीधरन के 2010 एशियाई खेलों में बनाए गए 15 मिनट 15.89 सेकंड के 13 वर्ष पुराने रिकार्ड को तोड़ा था। अब उन्होंने अपने ही रिकार्ड में लगभग छह सेकेंड का सुधार कर भारतीय एथलेटिक्स में नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

यह 2026 सत्र में पारुल की पहली 5,000 मीटर प्रतियोगिता थी। इससे पहले उन्होंने शंघाई डायमंड लीग में 3,000 मीटर स्टीपलचेज स्पर्धा में हिस्सा लिया था, जहां वह राष्ट्रीय रिकार्ड तोड़ने से बेहद मामूली अंतर से चूक गई थीं।

पारुल चौधरी वर्तमान में 5,000 मीटर की एशियाई खेल चैंपियन भी हैं। उन्होंने हांगझोउ एशियाई खेल 2023 में इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था। वहीं 3,000 मीटर स्टीपलचेज़ में रजत पदक अपने नाम किया था। विशेष उपलब्धि यह भी है कि पारुल के नाम 5,000 मीटर के अलावा 3,000 मीटर (8:57.19) और 3,000 मीटर स्टीपलचेज (9:12.46) के भी भारतीय राष्ट्रीय रिकार्ड दर्ज हैं।

फ्रांस में किया गया उनका नया प्रदर्शन 2026 एशियाई खेलों के लिए भारतीय एथलेटिक्स महासंघ की ओर से निर्धारित क्वालीफिकेशन मानक 15 मिनट 36.58 सेकेंड से भी बेहतर है, जिससे उन्होंने आगामी एशियाई खेलों के लिए अपनी दावेदारी और मजबूत कर दी है। मेरठ की इस बेटी की उपलब्धि से खेल प्रेमियों और एथलेटिक्स जगत में खुशी की लहर है। लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही पारुल अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सबसे भरोसेमंद लंबी दूरी की धाविकाओं में शुमार हो चुकी हैं।

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