पुलिस और भाजपा नेताओं के सामने लहराई तलवारें

शहर में निकली  शाेभायात्रा से  यातायात व्यवस्था ठप, एम्बुलेंस और स्कूली बच्चे जाम में फंसे

 मेरठ। मेरठ में महाराणा प्रताप जयंती पर देशभक्ति और शौर्य का संगम देखने को मिला। लेकिन यात्रा में मौजूद युवाओं ने पुलिस और भाजपा नेताओं के सामने तलवारें लहराई। पुलिसकर्मी केवल वीडियो बनाते रहे। यात्रा की वजह से शहर जाम हो गया। जिसमें एम्बुलेंस, स्कूली बच्चे और अन्य लोग फंस गए।

शोभायात्रा में पुलिस के सामने ही तलवारें लहराईं, जयकारों से पूरा शहर गूंज उठा। इस यात्रा का शुभारंभ भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम ने तेजगढ़ी चौराहे से नारियल फोड़कर किया था। हालांकि संगीत सोम यात्रा में शामिल नहीं थे। भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष शिवकुमार राणा यात्रा में मुख्य अतिथि थे।



एसपी और सीओ के समाने तलवार हाथों मे लेकर घूमते रहे युवा

शोभायात्रा में व्यवस्था संभालने के लिए एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले और को सिविल लाइन सुचित सिंह मौजूद थी। उनके सामने ही यात्रा में शामिल युवाओं ने तलवारे लहराई।

पुलिसकर्मी युवाओं से तलवारे म्यान में रखने के लिए बोलते रहे, लेकिन यात्रा में शामिल युवाओं ने पुलिस की एक नहीं सुनी। अफसर के आदेश के बाद पुलिसकर्मी तलवार लेकर घूम रही युवाओं की वीडियो बनाने लगे। जिसका कुछ लोगों ने विरोध भी किया।

फरसे पर कार्यवाही करने वाली को सीओ बोली - म्यान से नहीं निकली तलवार

गौरतलब है कि पूर्व में भगवान परशुराम की शोभायात्रा के दौरान सीओ सुचिता सिंह का फरसा लहराने पर कार्रवाई करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। उस समय उन्होंने कहा था कि जिनके हाथ में फरसे हैं, उन सबका वीडियो बन रहा है और उन पर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद फरसे जब्त कर लिए गए थे। इस घटना के बाद ब्राह्मण समाज ने भी विरोध दर्ज कराया था।

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह तोमर ने बताया कि शोभायात्रा में लाखों की भीड़ जुटी थी, जिसमें लोग बाइक, ट्रैक्टर, गाड़ियों और पैदल शामिल थे।तोमर ने कहा, "किसी ने तलवारें निकाली नहीं होंगी, देखी ज़रूर गई होंगी। हमने पहले ही सबको निर्देशित कर दिया था कि कोई तलवारें नहीं निकालेगा। तलवार रखना हमारा प्रतीक है, लेकिन प्रशासन की तरफ से निकालना मना था, इसलिए हमने सबको मना कर रखा था।"

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