इस्‍कॉन मंदिर को  आवास विकास के नोटिस से नाराजगी

15 दिन में सैट बैक निर्माण को हटाने के निर्देश जारी किए 

 कभी मंदिर से पूर्व  स्थान से  गुजरने से कतराते थे लाेग 

 कालगर्ल व मकान मालिक दंपत्ति की हुई थी हत्या 

 मेरठ। अभी तक आवास विकास की जद में आवासीय व व्यवसायिक भूखंड आ रहे थे। अब उनकी नजर में मंदिर में भी आ  गये है  जो आवासीय स्वरूप बदल की मंदिर का रूप ले चुके है। सेक्टर-5 स्थित भूखंड संख्या 199 पर बने इस्कॉन मंदिर समेत कई संपत्तियों को नोटिस जारी किए जाने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी और भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। परिषद द्वारा शहर में भू-उपयोग परिवर्तन कर व्यावसायिक गतिविधियों में इस्तेमाल हो रही कुल 859 संपत्तियों को चिह्नित किया गया है, जिनमें यह मंदिर भी शामिल है।

सेटबैक क्षेत्र में निर्माण 15 दिन के भीतर हटाने का निर्देश

इस्‍कॉन मंदिर बनने के छह साल बाद अब इस भवन को आवास विकास का नोटिस जारी हुआ है। जानकारी के मुताबिक, 123 वर्ग मीटर के इस भूखंड पर जी प्लस तीन मंजिला भवन बना हुआ है। परिषद ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि सेटबैक क्षेत्र में किए गए निर्माण को 15 दिनों के भीतर हटाया जाए। इससे पहले परिषद की टीम मौके पर पहुंचकर निरीक्षण कर चुकी है और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई थी। इसके बाद संबंधित स्थल पर नोटिस चस्पा कर दिया गया।

इस्‍कॉन परिसर में 12 ब्रह्मचारी रहते हैं

इसी क्रम में सेक्टर-3 स्थित एक दुर्गा मंदिर को भी नोटिस जारी किया गया है। इस कार्रवाई के बाद धार्मिक स्थलों को लेकर संवेदनशील माहौल बन गया है। इस्कॉन मंदिर की कार्यकारिणी से जुड़े अंकेश अग्रवाल का कहना है कि यह भवन निजी स्वामित्व वाला है और 5 मार्च 2023 से यहां धार्मिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। मंदिर में प्रतिदिन करीब 4-5 हजार लोगों को निशुल्क भोजन कराया जाता है, जबकि 2 हजार लोगों के लिए भोजन मेडिकल कॉलेज भी भेजा जाता है। परिसर में 12 ब्रह्मचारी रहते हैं और नियमित रूप से भागवत गीता की कक्षाएं भी संचालित होती हैं।

एक मीटर तक सेटबैक खाली छोड़ने का आदेश

अग्रवाल ने यह भी बताया कि परिषद की टीम ने एक मीटर तक सेटबैक खाली छोड़ने के निर्देश दिए हैं। हालांकि अधिकारियों ने मौखिक रूप से फिलहाल चिंता न करने की बात कही है। वही मंदिर प्रबंधन वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार कर रहा है ताकि धार्मिक और सामाजिक गतिविधियां प्रभावित न हों।

 मंदिर बनने का किस्सा रोचक 

 इस्‍कॉन मंदिर बनने का किस्‍सा बेहद रोचक है। भूखंड संख्या 199/5 कभी सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड के कारण दहशत का प्रतीक बन गया था। 18 जून, 2016 को चंद्रशेखर गुप्ता, उनकी पत्नी पूनम और कॉलगर्ल रिया की निर्मम हत्या ने पूरे इलाके को हिला दिया था।वारदात के बाद लोग इस स्थान पर रहने और यहां से गुजरने तक से कतराने लगे थे। यहां लंबे समय तक सन्नाटा पसरा रहा। कोई भी इस भवन को खरीदने को तैयार नहीं था। करीब चार साल पहले इस स्थान को खरीदकर यहां इस्कॉन मंदिर के निर्माण हुआ। उसके बाद यहां अब रोजाना हजारों श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। अब यहां डर की जगह भक्ति ने ले ली है।

किराये के कमरे में ग्राहक बुलाती थी रिया

दरअसल, इस भूखंड पर बीमा कंपनी के मैनेजर चंद्रशेखर गुप्‍ता अपनी पत्‍नी पूनम के साथ रहते थे। रिया उनके यहां किरायेदार थी। रिया कॉलगर्ल का काम करती थी और अपने कमरे में ग्राहक बुलाया करती थी। उसका एक दोस्‍त विकास उर्फ विक्‍की उसके लिए दलाल का काम करता था। विक्‍की और रिया के बीच संबंध बन गए। कुछ समय बाद रिया विक्‍की को अनदेखा करने लगी। इससे विक्‍की परेशान हो गया। इस बीच, विक्‍की का एक दोस्‍त सचिन आईपीएल सट्टेबाजी में तीन लाख रुपये हार गया। विक्‍की ने खौफनाक योजना बनाई। उसने सचिन के साथ मिलकर रिया की हत्‍या की प्‍लानिंग करते हुए लूटपाट की योजना बनाई। इससे विक्‍की रिया से बदला ले लेता और सचिन का कर्जा भी भर जाता।

रिया को बचाने आए चंद्रशेखर और पूनम पर भी चाकू से वार

18 जून, 2016 को विक्‍की और सचिन रिया के कमरे पर पहुंचे। दोनों ने रिया की चाकू से गोदकर हत्‍या कर दी। उसे बचाने के लिए चंद्रशेखर और पूनम दौड़े तो उन पर भी हमला कर दिया। अत्‍यधिक खून बह जाने की वजह से दंपती की भी मौत हो गई। करीब 2020 तक ये भवन अछूत बना रहा। इलाके के लोगों का दावा था कि यहां रात में पायल छनकने की आवाज आती थी। इस भवन को भूतिया तक कहा जाने लगा।

बोले अधिकारी 

इस्‍कॉन मंदिर और दुर्गा मंदिर समेत अन्‍य भवनों पर बुलडोजर कार्रवाई की खबरें भ्रामक हैं। अफवाह फैलाने वालों पर सख्‍त कार्रवाई की जाएगी।

एसपी सिटी विनायक भौंसले













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