मवाना, माछरा, हस्तिनापुर और परीक्षितगढ़ में नवीन गोशालाओं के निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर डीएम जताई नाराजगी
खंड विकास अधिकारियों को कार्यशैली में सुधार लाने के दिए निर्देश
डीएम की अध्यक्षता में संपन्न हुई जिला स्तरीय समीक्षा, मूल्यांकन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक
मेरठ। सोमवार को विकास भवन सभागार में डीएम डा. वी.के. सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षा, मूल्यांकन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने मवाना, माछरा, हस्तिनापुर और परीक्षितगढ़ में नवीन गोशालाओं के निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताई ।
समीक्षा बैठक में डीएम ने संबंधित खंड विकास अधिकारियों को कार्यशैली में अपेक्षित सुधार लाते हुए निर्माण कार्य जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। आवारा पशुओं की समस्या के समाधान हेतु जिलाधिकारी ने समस्त बीडीओ और ईओ को कैटल कैचर खरीदने के निर्देश दिए। तय किया गया कि 6 कैटल कैचर जिला पंचायत द्वारा खरीदे जाएंगे, 1 कैटल कैचर क्षेत्र पंचायत के माध्यम से क्रय किया जाएगा।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने अवगत कराया कि सभी गोशालाओं में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं। सुरक्षा और निगरानी को और सुदृढ़ करने हेतु जिलाधिकारी ने अब सभी गोशालाओं में वाईफाई लगवाने के निर्देश दिए हैं। आगामी सीजन को देखते हुए गोआश्रय स्थलों में भूसा और हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु जिलाधिकारी द्वारा निम्नलिखित निर्देश दिए गए कि भूसा संग्रहण-दान व क्रय के माध्यम से भूसा संग्रह तेज किया जाए।
खरखौदा और करनावल जैसे कम प्रगति वाले केंद्रों को एक सप्ताह में शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति की चेतावनी दी गई। हरा चारा-सीवीओ और बीडीओ अगले 3 दिनों में 30 से 40 हेक्टेयर भूमि पर चारे की बुआई सुनिश्चित करेंगे। जियो-टैगिंग- चारे की बुआई और भूसा संग्रहण की निगरानी बीडीओ, डिप्टी सीवीओ और एसडीएम द्वारा जियो टैगिंग के माध्यम से की जाएगी। गोवंशों के कल्याण हेतु जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि गोशालाओं में साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल और छाया की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। इसके लिए नोडल अधिकारी सप्ताह में एक बार निरीक्षण करेंगे। बीडीओ को सप्ताह में दो बार अनिवार्य रूप से निरीक्षण करना होगा। जिलाधिकारी ने सहभागिता योजना और गोआश्रय फंड की रिक्वेस्ट समय से भेजने तथा सीवीओ कार्यालय में एक कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए ताकि शिकायतों और व्यवस्थाओं का त्वरित निस्तारण हो सके।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी,मुख्य पशु चिकित्साधिकारी,समस्त खंड विकास अधिकारी,अधिशाषी अधिकारी तथा सभी उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी उपस्थित रहे।


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