पीएम के पेट्रोल की बचत के संदेश हुए बेमानी !
लग्जरी गाड़ियों से मोह भंग नहीं हो पा रहा माननीयो का
मेरठ। अमेरिका -ईरान युद्ध के बाद कच्चे के दामों में लगातार हो रही है। पिछले दस दिनो में पेट्रोल व डीजल के दाम सात रूपये अधिक बढ़ गये है। सोमवार को सरकार ने पेट्रोल व डीजल के दामों में 2.61 व 2.71 पैसे की वृद्धि कर दी है। वृद्धि के चलते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के लोगों से अपील करते हुए यह संदेश दिया था। पेट्रोल -डीजल के दामों हो रही वृद्धि से बचने के लिए सार्वजनिक परिवहन प्रणाली का आने जाने में प्रयोग करेे। अपील को मात्र इतना असर जरूर दिखाई दिया। सोशल मीडिया पर अपनी फोटाे दिखाने के लिए जनप्रतिनिधियों ने ई रिक्शा में बैठकर खुब प्रचार कराया। लेकिन एक दो दिन बाद यह संदेश हवा हवाई हो गया।
सुभारती विवि में आयोजित अमृत महोत्सव में कवि डा. हरिओम पंवार के सम्मान में लग्जरी गाडियों का मेला देखने को मिला। इस दौरान कई गाड़ियां इतनी महंगी थी उनका एवरेज पांच से दस प्रति किलोमीटर था ये तो मात्र एक उदाहरण है। जिले के कई राजनीतिक दलों के नेता ऐसे है। जो बिना काफिले के बाहर ही निकलते है। उनके नाम बताने की आवश्यता नहीं है। जनता सब जानती है। सवाल यह उठता है। कि ऐसे नेताओं पर इसका असर क्यों नहीं हो रहा है। जमीनी स्तर पर नेताओं और जनप्रतिनिधियों की बड़ी गाड़ियों और लंबे काफिलों के इस्तेमाल ने लोगों के बीच एक विरोधाभासी संदेश दिया है। इस मुद्दे पर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा है।


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