एआई और स्मार्ट मशीनों की दुनिया से जुड़ेंगे छात्र
एसीआईसी एमआईईटी ने शिक्षकों को दी आधुनिक तकनीक की ट्रेनिंग
मेरठ। शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से बदलती तकनीक के बीच अब स्कूलों में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और स्मार्ट ऑटोमेशन जैसी आधुनिक तकनीकों का दायरा बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में एसीआईसी एमआईईटी मेरठ फाउंडेशन ने समग्र शिक्षा (माध्यमिक), उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से “अरुडिनो प्रोग्रामिंग एवं सेंसर-एक्चुएटर इंटरफेसिंग” विषय पर दो दिवसीय ऑनलाइन शिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के 48 जिलों के 100 से अधिक अटल टिंकरिंग लैब स्कूलों के नोडल शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ते हुए उन्हें छात्रों को प्रायोगिक एवं नवाचार आधारित शिक्षा प्रदान करने के लिए तैयार करना था।
प्रशिक्षण सत्रों के दौरान विशेषज्ञों ने शिक्षकों को अरुडिनो प्रोग्रामिंग, सेंसर एवं एक्ट्यूएटर्स के उपयोग, इलेक्ट्रॉनिक प्रोजेक्ट निर्माण, रियल-टाइम इंटरफेसिंग तथा 3डी प्रिंटिंग जैसी तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी दी। साथ ही यह भी बताया गया कि वर्तमान समय में ऑटोमेशन और स्मार्ट डिवाइसेज़ का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है, जिससे कार्य अधिक तेज, सरल और सटीक बन रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले वर्षों में रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन का प्रभाव शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं उद्योग क्षेत्रों में और अधिक बढ़ेगा। ऐसे में विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही इन तकनीकों की जानकारी देना आवश्यक है।
एसीआईसी एमआईईटी मेरठ फाउंडेशन के सीईओ डॉ. प्रशांत कुमार गुप्ता ने कहा कि शिक्षकों को आधुनिक तकनीकी कौशल से सशक्त बनाना भविष्य के नवाचारकर्ताओं को तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम अटल टिंकरिंग लैब्स की उपयोगिता और प्रभावशीलता को बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे।

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