साहब बिजली व्यवस्था सुधरवाइए कटौती से कारोबार प्रभावित

संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने एमडी  को गिनाई समस्याएं, बोले- हालात ठीक नहीं

मेरठ।मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी बिजली से जुड़ी समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही है। अब व्यापार जगत भी कटौती का दंश झेल रहा है। सोमवार को संयुक्त प्रकार संघ का प्रतिनिधिमंडल पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता से मिला।व्यापार संघ अध्यक्ष ने कहा कि प्रोडक्शन रुक गया है। बिजली ना होने की वजह से ग्राहक भी दूरी बना रहे हैं और बाजार सूने पड़े हैं।

संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता के नेतृत्व में व्यापारियों का एक दल पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड डिस्कॉम पहुंचा।  प्रबंध निदेशक  रवीश गुप्ता अफसरों के साथ समीक्षा कर रहे थे।उन्होंने व्यापारियों को अपने पास ही बुला लिया। इस दौरान उपाध्यक्ष तरुण कुमार गुप्ता, संयुक्त व्यापार संघ मंत्री सरदार राजवीर सिंह भी साथ मौजूद रहे।

 प्नंबध निदेशक ने  वीसी रूम में की व्यापारियों से बात

जिस समय व्यापारी ऊर्जा भवन पहुंचे उस समय एमडी रवीश गुप्ता अफसरों के साथ विद्युत आपूर्ति को लेकर समीक्षा कर रहे थे। उन्हें जब जानकारी मिली कि व्यापारी उनसे मिलने पहुंचे हैं तो उन्होंने सभी को अपने पास वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम में ही बुला लिया और उनसे बात की।

अध्यक्ष बोले- बिजली कटौती से बाजार प्रभावित

संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने कहा कि मेरठ शहर से लेकर देहात तक बिजली आपूर्ति चरमराई हुई है। पूरा कारोबार जगत प्रभावित हो गया है। कई कारोबार तो ऐसे हैं जो बंदी की कगार पर पहुंच गए हैं। बड़ी-बड़ी फैक्ट्री का प्रोडक्शन रुक गया है। हर क्षेत्र पर बिजली कटौती का असर पड़ रहा है।

मेंटेनेंस तक कि नहीं मिलती कोई जानकारी

व्यापारी नेताओं ने कहा कि कुछ साल पहले एक व्यवस्था तैयार हुई थी। अगर किसी क्षेत्र में मेंटेनेंस के कारण बिजली काटी जाती है तो उस क्षेत्र के हर उपभोक्ता को फोन पर मैसेज के जरिए इसकी सूचना दी जाएगी।कुछ समय वह व्यवस्था चली लेकिन धीरे-धीरे पटरी से उतरती चली गई। अब कभी भी बिजली कट हो जाती है और किसी को पता ही नहीं चल पाता।

व्यापारी बोले- नहीं उठाते अफसर फोन

संयुक्त व्यापार संघ उपाध्यक्ष तरुण कुमार गुप्ता ने कहा कि सबसे बड़ी समस्या बिजली घरों पर आ रही है। व्यापारी अगर बिजली घर के फोन पर संपर्क करता है तो उचित जवाब नहीं मिलता।जेई, एसडीओ और एक्सईएन तक के फोन नहीं उठते हैं। मजबूर होकर कोई व्यापारी बिजली घर चला भी जाए तो वहां भी उचित व्यवहार नहीं होता।

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