पुलिस लाइन स्वास्थ्य केंद्र में ‘आशा केंद्र’ की शुरुआत

 अब घर-घर पहुंचेगी प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं

मेरठ। पुलिस लाइन स्वास्थ्य केंद्र में सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक नई पहल के तहत “आशा केंद्र” की शुरुआत की गई है। इस अभिनव जनस्वास्थ्य मॉडल का उद्देश्य आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से आम लोगों तक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सीधे पहुंचाना है।

इस पहल के तहत आशा कार्यकर्ता के घर को “मिनी हेल्थ सेंटर” के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां स्थानीय लोगों की प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच जैसे बीपी, शुगर, वजन, तापमान आदि की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे बीमारियों की शुरुआती पहचान और समय पर उपचार संभव हो सकेगा।

कार्यक्रम का आयोजन पुलिस लाइन स्वास्थ्य केंद्र में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंकुर त्यागी के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कटारिया की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय गैर संचारी रोग (NCD) टीम, स्टाफ नर्स, लैब तकनीशियन और मेडिकल ऑफिसरों द्वारा आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में उन्हें CBAC फॉर्म भरने, बीपी व शुगर जांच करने सहित अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य जांच की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में संगीता, ममता, दीप्ति और सोनिया आशा कार्यकर्ताओं को “आशा किट” भी प्रदान की गई। इस किट में बीपी मशीन, ग्लूकोमीटर, वेट मशीन, पल्स ऑक्सीमीटर और कैंसर स्क्रीनिंग से जुड़ी सामग्री शामिल है। प्रशिक्षित आशा कार्यकर्ता अब घर-घर जाकर उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मोटापा और कैंसर जैसी बीमारियों की शुरुआती पहचान कर मरीजों को स्वास्थ्य केंद्रों पर रेफर करेंगी।

डॉ. अंकुर त्यागी ने बताया कि इस मॉडल से आशा, एएनएम और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के बीच समन्वय और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि “आशा केंद्र” और “माँ आरोग्य मित्र” जैसी पहलें मिलकर सामुदायिक स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देंगी।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कटारिया ने कहा कि यदि यह मॉडल सफल होता है तो इसे पूरे जनपद में लागू किया जाएगा। उन्होंने इसे स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यह पहल ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में शुरुआती रोग पहचान और जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।

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