आईआईएमटी विवि  के खिलाफ मुकदमा  दर्ज

फीस का दबाव बनाकर छात्रा को सुसाइड को उकसाया, 22 घंटों से धरने पर बैठे स्टूडेंट्स

मेरठ। गंगानगर थानाक्षेत्र स्थित आईआईएमटी यूनिवर्सिटी के खिलाफ गंगानगर थाने में देर रात मुकदमा लिखा गया है। एमबीए स्टूडेंट अनु की सुसाइड के बाद उसके पिता ओमकार गोयल की तरफ से थाने में तहरीर दी गई।

जिसमें पिता ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन पर बेटी को प्रताड़ित करने, मानसिक दबाव बनाकर सुसाइड के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। इसी के आधार पर यूनिवर्सिटी के खिलाफ बीएनएस की धारा 108 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। 

बता दें कि छात्रा अनु की मौत के बाद से ही यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट कर रहे हैं।पिछले 22 घंटों से लगातार स्टूडेंट्स का धरना यूनिवर्सिटी गेट पर जारी है। जिसमें आईआईएमटी स्टूडेंट्स के साथ ही बाहरी छात्र, सीसीएसयू से छात्र नेता शान मोहम्मद और मेरठ कॉलेज से छात्र नेता विजित तालियान भी है।रातभर शान मो. और विजित तालियान के नेतृत्व में सैकड़ों स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी गेट के बाहर ही धरनारत रहे हैं। छात्र-छात्राओं ने वहीं गेट के बाहर रात डेढ़ बजे गद्दे मंगाए और गद्दे डालकर धरने पर बैठे रहे।

गर्ल्स हॉस्टल में देर रात पहुंचे मेल फैकलिटी

यूनिवर्सिटी गर्ल्स हॉस्टल का भी देर रात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें मेल फैकलिटी हॉस्टल में अंदर नजर आ रही है। ये वीडियो छात्राओं ने खुद बनाकर वायरल किया है। इसमें छात्राओं की फैकलिटी के साथ बहस हो रही है।

छात्राओं का आरोप है कि रात को करीब 2 बजे गर्ल्स हॉस्टल में अचानक विश्वविद्यालय के ही शिक्षक लखविंदर सिंह घुस गए और लड़कियों के साथ अभद्रता करते हुए नजर आए। उन्होंने लड़कियों को साफ आदेश दिए गए हैं कि आज हॉस्टल खाली कर दें।

छात्रों को समझाने देर रात पुलिस पहुंची लेकिन वार्ता विफल

छात्र-छात्राओं को धरने से उठाने के लिए देर रात गंगानगर थाना पुलिस और सीओ सुधीर सिंह भी यूनिवर्सिटी गेट पर पहुंचे। उन्होंने स्टूडेंट्स को समझाया लेकिन छात्र नहीं माने। छात्रों की पहली मांग है कि यूनिवर्सिटी की तरफ से कुलपति आकर छात्रों से मिलें और उनकी मांगों को माने।लेकिन पिछले 22 घंटों में अब तक विवि की तरफ से कोई जिम्मेदार अफसर छात्रों के बीच नहीं आया है। न ही उनकी बात सुनी है। इसके कारण छात्रों का गुस्सा यूनिवर्सिटी के खिलाफ लगातार बढ़ता जा रहा है।

छात्रा के परिजन लौटे लेकिन स्टूडेंट्स मांग रहे न्याय

छात्रा अनु के पिता बुधवार को देर शाम ही थाने में मुकदमा लिखाने के बाद सहारनपुर वापस लौट गए। क्योंकि उनको बेटी के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करनी थी। छात्रा के परिजनों के जाने के बाद भी छात्र-छात्राएं प्रदर्शन करते रहे।उन्होंने विवि प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद और हाय-हाय के नारे लगाए। कहा कि ये विवि छात्र-छात्राओं को मानसिक, आर्थिक शोषण करता है।

यूनिवर्सिटी में अनु के लिए कैंडलमार्च

छात्र-छात्राओं ने आज आईआईएमटी के गेट के बाहर ही एक कैंडल मार्च रखा है। इसमें मृतक छात्रा अनु की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की जाएगी। साथ ही जस्टिस फॉर अनु, वी वांट जस्टिस की मांग भी स्टूडेंट्स कर रहे हैं।

छात्रनेता बोले आईआईएमटी पर हो एक्शन

सीसीएसयू के छात्रनेता शान मो. भी विवि में धरने पर बैठे है। शान ने कहा कि आईआईएमटी विवि लगातार छात्रों को परेशान करता है। समय पर फीस न दे पाने, अटेंडेंस पूरी नहीं है तो पैसे भर दो इस तरह छात्रों को आर्थिक रूप से परेशान किया जाता है।विवि के खिलाफ एक्शन होना चाहिए। हम विवि के कुलपति से मिलकर अपनी मांगें रखना चाहते हैं लेकिन वीसी हमसे मिलने भी नहीं आ रहे। ये छात्रों के हकों का हनन है। हम इसके खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे। जब तक हमारी मांगें मानी नहीं जाएंगी यहां धरने पर बैठे रहेंगे।

मानसिक, आर्थिक प्रताड़ित करने वाले बख्शे नहीं जाएं

मेरठ कॉलेज से धरने में सबसे पहले पहुंचे छात्रनेता विजित तालियान ने कहा कि छात्राओं का आरोप है कि मृतक छात्रा अनु के नाम पर एक गलत फर्जी सुसाइड नोट लिखवाया गया है। छात्राओं पर दबाव बनाकर एक नोट लिखवाया गया कि अनु ने अपनी मर्जी से जान दी है हम इसकी सहमति देते हैं।

वहीं कहा कि आईआईएमटी प्रबंधन ने मृतक छात्रा अनु को मानसिक, आर्थिक प्रताड़ित किया। उसकी मां की मृत्यु होने और छात्रा स्वयं बीमार थी इसकी वजह से उसकी अटेंडेंस शॉर्ट हुई। परिवार फाइनेंशियली काफी कमजोर है।

अनु के पिता कोरियर बांटते हैं। वो किसी तरह अपनी तीन बेटियों को पालपोस रहे हैं। दो बेटियों की शादी कर चुके हैं। तीसरी अनु को पढ़ा रहे थे। इसके बावजूद विवि प्रशासन ने अनु से हाजिरी पूरी करने के लिए पैसे मांगे।लगातार उस पर फीस का दबाव बनाया, अन्यथा उसे पेपर में नहीं बैठने देंगे ये भी धमकी दी थी। इसी से परेशान होकर छात्रा ने दबाव में आकर ये गलत कदम उठाया है। इसके लिए विवि प्रशासन जो स्टाफ दोषी हैं उन पर एक्शन होना चाहिए।

 छात्रों की प्रमुख मांगें

1. आईआईएमटी हॉस्टल की वार्डन को बदला जाए महिला छात्रावास की जो वार्डन है वो बहुत बेकार हैं। छात्राओं को प्रताड़ित कर परेशान करती है। उन्हें फाइनेंस के नाम पर टॉर्चर करती है।

2. अगर किसी छात्र-छात्रा की बैक आए या वो डिबार हो जाए तो उस पर तनाव बनाकर दबाव न बनाया जाए

3. फीस या हॉस्टल फीस का दबाव छात्र-छात्राओं पर न बनाया जाए, अगर किसी स्टूडेंट की फाइनेंशियल कंडीशन खराब है तो उसे कॉलेज, यूनिवर्सिटी प्रशासन सपोर्ट करे।

4. अनु गुप्ता की मौत मामले में कॉलेज प्रशासन फुटेज सार्वजनिक करे।

5. अनु की रूममेट को सामने लाकर उससे बात कराई जाए।

6. पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो।

7. एमबीए के एचओडी, डीन को हटाया जाए।

8. मृतक छात्रा अनु के परिवार को यूनिवर्सिटी की ओर से 50लाख रुपयों की आर्थिक मदद की जाए।

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