नए जिला कार्यक्रम प्रबंधक बने हरपाल सिंह
पूर्व में रहे मनीष बिसारिया पर लगे रिश्वत के आरोप के बाद जांच हुई शुरू
मेरठ। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक मनीष बिसारिया के खिलाफ रिश्वत और भ्रष्टाचार के आरोप की शिकायत के बाद डीपीएम के खिलाफ राज्य स्तर पर जांच बैठा दी गई है। जांच पूरी होने तक उनसे जिला कार्यक्रम प्रबंधक का कार्यभार वापस ले लिया गया है। उनका कार्यभार डीसीपीएम हरपाल सिंह को सौंपा गया है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश की राज्य कार्यक्रम प्रबंधन इकाई द्वारा बुधवार को जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, शिकायत प्रकरण में जांच स्थापित किए जाने के बाद तत्काल प्रभाव से मनीष बिसारिया के स्थान पर जिला कम्युनिटी प्रोसेस प्रबंधक हरपाल सिंह को जिला कार्यक्रम प्रबंधक, मेरठ का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवल द्वारा जारी आदेश में निर्देश दिए गए हैं कि हरपाल सिंह तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करें। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि इस अतिरिक्त जिम्मेदारी के लिए उन्हें किसी प्रकार का अतिरिक्त भत्ता देय नहीं होगा।
मामले का संज्ञान लेते हुए CMO मेरठ ने 17 मई को मनीष बिसारियां से तत्काल स्पष्टीकरण मांगा था। वहीं 18 मई 2026 को अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, मिशन निदेशक NHM लखनऊ और अपर निदेशक मेरठ मंडल को पूरे मामले की सूचना भेज दी गई।
विभागीय कार्रवाई के तहत डॉ. सुधीर कुमार, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी मेरठ को DPMU कार्यालय सील कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद बीते मंगलवार को एक जांच टीम गठित कर दर गई थी जिसे पांच दिन में अपनी रिपोर्ट सौंप देगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अनुसार संज्ञान में आए प्रकरण के अनुसार मनीष बिसारियां द्वारा NHM के अंतर्गत जनपद स्तर पर MBBS चिकित्सकों की भर्ती में 4 से 5 लाख रुपये तथा आयुष चिकित्सकों की भर्ती में 2 से 3 लाख रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही थी।
इसके अलावा ब्लॉक स्तर पर BPM के माध्यम से कर्मचारियों के नवीनीकरण के नाम पर धन उगाही, डूडा के जरिए वार्ड बॉय और स्वीपर की नियुक्ति में 50 हजार से 1 लाख रुपये तक लेने, कर्मचारियों के स्थानांतरण के नाम पर वसूली और महिला कर्मचारियों के उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।
सीएमओ कार्यालय में आज होगी डीपीएम की पेशी
भ्रष्टाचार के आरोप में हटाए गये डीपीएम मनीष बिसारिया की आज सीएमओ कार्यालय में जांच कमेटी के समक्ष पेशी होगी। जहां पर वह अपना पक्ष रखेंगे । कमेटी में एसीएमओ डा पूजा शर्मा , डा. राजेश , एडीएम फाइनेंस , चीफ ट्रेजरी आफिसर को रखा गया है।


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