पश्चिमी यूपी के अधिवक्ता 20 मई में हड़ताल पर रहेंगे

हाईकोर्ट बेंच की मांग, बोले - बेंच नहीं तो भाजपा को वोट नहीं

 मेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग को तेज करने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में, 20 मई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। यह निर्णय मेरठ में हुई केंद्रीय संघर्ष समिति की बैठक में लिया गया।

शनिवार को मेरठ बार एसोसिएशन के पंडित नानकचंद सभागार में स्थानीय केंद्रीय संघर्ष समिति पश्चिमी उत्तर प्रदेश की एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के चेयरमैन परवेज आलम ने की। इसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए अधिवक्ताओं ने अपने विचार रखे। सर्वसम्मति से तय किया गया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों में शनिवार को जारी हड़ताल को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर भारत सरकार के प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री, उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और केंद्रीय विधि मंत्री से मुलाकात करने का भी फैसला किया। इसके अतिरिक्त, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों में 'बेंच नहीं तो वोट नहीं' का नारा लगाते हुए बेंच की मांग उठाई जाएगी। अधिवक्ताओं ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम को शीघ्र लागू करने की मांग भी की, ताकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था और भयमुक्त माहौल सुनिश्चित हो सके।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा विभिन्न बार एसोसिएशनों को भेजे गए कारण बताओ नोटिसों के विरोध में 20 मई 2026 को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से दूर रहेंगे। बैठक में पुलिस प्रशासन द्वारा अधिवक्ताओं के जबरन चालान करने, अभद्र व्यवहार करने और उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराने जैसे मुद्दों पर भी चिंता व्यक्त की गई। इन मामलों को लेकर गृह सचिव, प्रमुख सचिव और महानिदेशक पुलिस, लखनऊ, उत्तर प्रदेश को पत्र भेजे जाएंगे।

केंद्रीय संघर्ष समिति की अगली बैठक 18 जुलाई को सुबह 11 बजे बागपत बार एसोसिएशन में बुलाई गई है।बैठक में बार एसोसिएशन गाजियाबाद के अध्यक्ष ब्रहमदेव त्यागी बार एसोसिएशन शामली के अध्यक्ष राजपाल सिंह, सहारनपुर के अध्यक्ष राहुल त्यागी, मुजफ्फरनगर के अध्यक्ष प्रमोद त्यागी, नोएडा के अध्यक्ष परवेन्द्र भाटी, रामपुर के अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद समेत 22 जिलों के पदाधिकारी मौजूद रहे।

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