12वीं के छात्र पर्व गौड़ द्वारा विकसित किया “थर्सडे एआई”  

पूर्व में 15 प्रोजक्ट बना चुके है पर्व 

 मेरठ।  शास्त्रीनगर स्थित बालेराम बृजभूषण सरस्वती शिशु मंदिर  के कक्षा 12वीं के छात्र पर्व गौड़ ने एक अभूतपूर्व तकनीकी उपलब्धि हासिल करते हुए “थर्सडे एआई” नामक उन्नत पर्सनल एआई इकोसिस्टम का निर्माण किया है। यह प्रणाली सामान्य चैटबॉट्स से कहीं आगे जाकर एक संपूर्ण, स्वायत्त और मानवीय भावनाओं को समझने वाला डिजिटल सहायक है।

इस सिस्टम का निर्माण पर्व गौड़ ने पूरी तरह स्वतंत्र रूप से किया है। इतनी कम उम्र में इतने जटिल एआई आर्किटेक्चर को डिजाइन करना भारतीय तकनीकी परिदृश्य में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।थर्सडे एआई की सबसे क्रांतिकारी विशेषता इसकी त्रिआयामी मॉडल नियंत्रण प्रणाली है। इस तकनीक के माध्यम से छात्र और शिक्षक किसी भी 3D मॉडल को हवा में हाथ के इशारों से घुमा, बड़ा-छोटा और संशोधित कर सकते हैं।

पर्व ने अपने प्रोजेक्ट की विशेषता बताते हुए बताया कि इसमें  उपयोगकर्ता आवाज और हाथ के इशारों से सिस्टम को संचालित कर सकता है। आवाज, लेखन शैली और चेहरे के भावों से उपयोगकर्ता की मनोदशा समझने की क्षमता रखता है। कैमरे के माध्यम से परिवेश को देखकर संदर्भ आधारित उत्तर देता है। आदेश का इंतजार किए बिना, उपयोगकर्ता की आदतों के आधार पर पहले से सहायता देता है।स्मार्टफोन, लैपटॉप, स्मार्ट होम डिवाइसेज को एक साथ जोड़कर काम करता है । 

उन्होने बताया शिक्षा के क्षेत्र में इसका उपयोग किया जा सकता है। जिसमें परमाणु संरचना, DNA मॉडल, सौर मंडल, मानव शरीर रचना जैसे जटिल विषयों को 3D में देखकर समझना, गणित एवं ज्यामिति: जटिल आकृतियों को अंतरिक्ष में घुमाकर सभी कोणों से विश्लेषण करना ऐतिहासिक स्मारकों या भौगोलिक संरचनाओं के 3D मॉडल्स के साथ इंटरैक्ट करना आदि मे ंइसका उपयोग किया जा सकता है।

यह प्रणाली विशेष रूप से शिक्षकों के लिए सरल इंटरफेस के साथ बनाई गई है। शिक्षक बिना किसी तकनीकी प्रशिक्षण के सीधे कक्षा में 3D मॉडल्स प्रोजेक्ट करके पढ़ा सकते हैं। इससे कक्षा का अनुभव अधिक व्यावहारिक, रोचक और प्रभावी बनता है। पर्व  गौड़ के अनुसार, “रटने की जगह समझने पर जोर देना ही इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य है।”विद्यालय प्रशासन ने इस तकनीक का डेमो देखने के बाद इसे स्कूल की अटल टिंकरिंग लैब में स्थापित करने की योजना बनाई है।

 विद्यालय के प्रधानाचार्य  प्रभात कुमार गुप्ता ने कहा, “पर्व ने न केवल स्कूल का, बल्कि पूरे मेरठ का नाम रोशन किया है। उसकी मेहनत और नवाचार की भावना सभी छात्रों के लिए प्रेरणा है। हम उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।”

अटल टिंकरिंग लैब की इंचार्ज अध्यापिका रुद्राणी शर्मा ने प्रशंसा करते हुए कहा, “पर्व ने लैब में उपलब्ध संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग कर यह साबित कर दिया कि नवाचार के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं होती। थर्सडे एआई शिक्षा में तकनीक के उपयोग का एक बेहतरीन उदाहरण है।”


No comments:

Post a Comment

Popular Posts