नोटिस मिलने के बाद लोगों ने खुद ही अपने मकानों व दुकानों को तोड़ना किया आरंभ
815 आंवटियों के आवास व दुकानों पर आवास विकास ने चस्पा किए नोटिस
मेरठ। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आवास विकास द्वारा 815 आवंटियों के आवास व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर नोटिस चस्पा करने के बाद लोगों ने खुद ही अपने आवास व व्यवसासिक प्रतिष्ठानों को तोड़ना आरंभ कर दिया है। आवास विकास की ओर से दो सप्ताह का समय दिया गया है। आवास विकास की ओर से कोर्ट के आदेश पर की गयी कार्रवाई को खौफ अन्य दुकानदारों व आवास में रहने वालों को सता रहा है। कही उन पर नोटिस तो न आ जाए
बता दें सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पूर्व में 661/6 भूंखड को सुप्रीम कोर्ट के आदेश् के बाद ध्वस्त कर दिया गया है। जिस भूखड को ध्वस्त् किया गया था। उसमें 22 दुकाने थी। कोर्ट की ओर से अन्य ऐसे अवैध निर्माण वाले 44 भूंखड को कोर्ट की फटकार के बाद सील कर दिया था। आवास विकास द्वारा कोर्ट को दी गयी 869 भूखंड में 815 भूखंड बचे थे । जिन पर कोर्ट के आदेश के बाद अब आवास विकास ने नोटिस चस्पा करने आरंभ कर दिए है। आवास विकास ने स्कीम 7 के 13 सैक्टरों में शामिल किया है। नोटिस में बकायदा कोर्ट का आदेश, मकान का नक्शा व आंवटी को कितना सैट बैक सामने व साईड में छोड़ना है चप्सा किया गया है। नोटिस चस्पा होने के कुछ लोगों ने अपने अधिवक्तों के माध्यम से राय लेने का प्रयास किया लेकिन मामला सुप्रीम कोर्ट होने के बाद उन्होंने भी हाथ खडे कर दिए है। रविवार होने के बाद भी आवास विकास के अधिकारी अधिकारियों कर्मचारियों के संग सैक्टर 12 व 13 में नोटिस करते नजर आए ।
कोर्ट की दहशत इतनी खुद ही तुड़वा रहे अवैध निर्माण
कोर्ट का आदेश कितना ताकतवर होता है। इसका पता शास्त्री नगर के स्कीम 7 के सभी सैक्टरों में वहां दिखाई दे रहा है। जिन मकानों व दुकानों पर आवास विकास की ओर से नोटिस चस्पा किया गया है। वह मजदूरों से अपना अवैध निर्माण तुड़वा रहे है। समया अवधि काे ध्यान में रखते हुए दिन रात को अवैध निर्माण को तोड़कर पुराने रूप में लाने का प्रयास किया जा रहा है।
मजूदरों को पड़ा अकाल
आवास विकास द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेश के एक अंतराल के बीच 859 मकानों व व्यवसायिक प्रतिष्ठनों पर नोटिस चस्पा होने के बाद लोग मजदूर व मिस्तियों की तलाश करने में जुट गये है। लेकिन आसानी से मजदूर व मिस्त्री नहीं मिल पा रहे है। जो मिल भी रहे है। वह ऐसे में मौके का फायदा उठाते हुए औने पाैने दाम मांग रहे है। जेल चुंगी व शास्त्री नगर के ब्लॉक में अपने ठिए पर खड़े होने वाले मजदूरों व मिस्त्री का अकाल पड़ गया है।



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