पूर्व विधायक योगेश वर्मा को मुरादाबाद में पुलिस ने रोका,अधिकारियों से नोकझोंक
मेरठ। गुरुवार को पूर्व विधायक योगेश वर्मा को पुलिस ने मुरादाबाद जाने से रोक दिया। उन्हें गढ़ रोड स्थित मऊ खास में सीओ कार्यालय के सामने रोका गया। वे मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा क्षेत्र के ग्राम नारायनपुर छगा में 16 अप्रैल की रात हुई घटना के पीड़ितों से मिलने जा रहे थे।
मुरादाबाद की इस घटना में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा तोड़ने और जाटव समाज के लोगों के साथ मारपीट का मामला सामने आया था। योगेश वर्मा समाजवादी पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना देना चाहते थे। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने उन्हें मेरठ में ही रोक दिया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है, इसलिए किसी भी राजनीतिक गतिविधि या भीड़ को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
योगेश वर्मा और पुलिस अधिकारियों के बीच हल्की नोंकझोंक
इस दौरान योगेश वर्मा और पुलिस अधिकारियों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई। वर्मा ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को पीड़ितों से मिलने से रोकना उचित नहीं है। पुलिस अपने निर्णय पर कायम रही और प्रतिनिधिमंडल को आगे नहीं जाने दिया गया। कुछ देर के लिए मौके पर हलचल रही, लेकिन पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखा और प्रतिनिधिमंडल को वापस लौटना पड़ा।उधर, मुरादाबाद की मूल घटना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में आक्रोश बना हुआ है। पुलिस प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।


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