नगर निगम में भर्ती पर बवाल, कर्मचारियों ने की सांकेतिक हड़ताल 

आउटसोर्सिंग सफाई मित्र बोले- भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी, तो नियुक्ति क्यों नहीं?

 मेरठ।  सोमवार को आउटसोर्सिंग सफाई मित्रों की भर्ती में कथित धांधली और विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर नगर निगम परिसर में कर्मचारियों ने सांकेतिक धरना और भूख हड़ताल की। यह आंदोलन भारतीय संविदा आउटसोर्सिंग कर्मचारी संघ की मेरठ शाखा के नेतृत्व में आयोजित किया गया।

धरने के दौरान कर्मचारियों ने भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता और पारदर्शिता की कमी के गंभीर आरोप लगाए और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।संघ के अध्यक्ष दिनेश सूद ने कहा कि सफाई मित्रों की भर्ती के लिए पोर्टल पर आवेदन लिए गए थे, लेकिन नियुक्ति के लिए पोर्टल की सूची को नजरअंदाज कर गुपचुप तरीके से अलग सूची तैयार की जा रही है।उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है तो पोर्टल की सूची के आधार पर नियुक्तियां क्यों नहीं की जा रही हैं। साथ ही यूनियन के निर्वाचित पदाधिकारियों को विश्वास में न लेने पर भी आपत्ति जताई गई।

समस्याओं के समाधान में देरी से बढ़ा आक्रोश

कर्मचारियों का कहना है कि नगर निगम प्रशासन सफाई मित्रों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर उदासीन बना हुआ है। कई बार आश्वासन मिलने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, जिससे कर्मचारियों में लगातार आक्रोश बढ़ रहा है।

अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी

सभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि सोमवार शाम तक समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो सांकेतिक धरने को अनिश्चितकालीन धरने में बदल दिया जाएगा।इसके साथ ही क्रमिक अनशन शुरू करने और जरूरत पड़ने पर काम बंद करने तक का फैसला लेने की चेतावनी भी दी गई है।

कई संगठनों ने दिया समर्थन

धरने को समर्थन देने के लिए भारतीय वाल्मीकि आदि धर्म समाज और वाल्मीकि महासभा के पदाधिकारी भी पहुंचे। धरना स्थल पर दिनेश लौहरे, शालिनी सिंह मसीह, पदमा जानसन, नवीन गेहरा, सोनू बेनीवाल, राजन पिहवाल, सुमित गहलोत, तरुण गहलोत, पवन राजोरिया, रिंकू बेनीवाल, विनय कसूर खेड़ा, मुकेश निर्मोही, विशाल पवार, नरेश और सेट्टी भाई समेत कई कर्मचारी मौजूद रहे।

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