फार्मर रजिस्ट्री युक्त युक्त किसानों से ही होगी गेहूँ की खरीद
लखनऊ।नई व्यवस्था के अनुसार अभी तक फार्मर रजिस्ट्री (किसान पहचान पत्र) नहीं बनवाने वाले किसान सरकारी क्रय केन्द्रों पर गेहूँ बेच कर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ प्राप्त नहीं कर पाएंगे। इसके सम्बन्ध में मुख्य सचिव एस. पी. गोयल ने खाद्य एवं रसद विभाग और कृषि विभाग के द्वारा एमएसपी पर की जाने वाली समस्त खरीद में तत्काल प्रभाव से किसान पहचान पत्र को अनिवार्य करने का आदेश जारी किया है।
ऐसे में अब केवल ऐसे किसानों से ही फसलीय उत्पादों की खरीद की जाएगी, जिनके पास फार्मर रजिस्ट्री उपलब्ध होगी। इसके साथ ही अन्य विभागों के द्वारा जारी लाभप्रद योजनाओं के लिए भी किसान पहचान पत्र का प्रयोग करने के लिए कृषि विभाग के साथ समन्वय कर एक मई से इसका अनुपालन करने की तैयारी को पूर्ण करने हेतु आदेश जारी कर दिया गया है।
कृषि और राजस्व विभाग के द्वारा संयुक्त रूप से भारत सरकार की ऐग्रीटेक योजना के तहत प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री की जा रही है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा भविष्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि भी केवन उन्हीं किसानों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी, जिनके किसान पहचान पत्र जारी कर दिए गए हैं।

राज्य सरकार के द्वारा भी कृषि एवं सहयोगी विभागों जैसे कि उद्यान, पशु-पालन, मत्स्य, सहकारिता, लघु सिंचाई इत्यादि विभागों के द्वारा संचालित लाभकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी किसान पहचान पत्र के आधार पर ही निर्णय लिया जाएगा।
प्रदेश में वर्तमान समय तक लगभग 75 प्रतिशत किसानों की फार्मर रजिस्ट्री की जा चुकी है। शेष किसानों के लिए 6 से 15 अप्रैल तक शिविर लगाकर किसान पहचान पत्र बनवाने का के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
इसके सम्बन्ध में मुख्य सचिव की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि प्रथम चरण में कृषि विभाग के द्वारा उर्वरक, बीज और कीटनाशी वितरण आदि अपनी लाभप्रद योजनाओं और लाभार्थियों का चयन करने में किसान पहचान पत्र को ही आधार बनाया जाऐगा। प्रदेश में एमएसपी पर फसलीय उत्पाद (गेहूँ, धान, दाल और सरसों आदि) के क्रय केन्द्र पर खरीद से पूर्व किसान पहचानपत्रों का सत्यापन किया जाएगा।
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