महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयक संसद में पेश
नई दिल्ली (एजेंसी)।संसद के विशेष सत्र में गुरुवार को सरकार ने तीन नए बिलों को पेश किया। इसमें पहला बिल महिला आरक्षण से जुड़ा संशोधन विधेयक 2026, दूसरा परिसीमन विधेयक 2026 और तीसरा केंद्र शासित प्रदेश संशोधन विधेयक, 2026 शामिल है।
इन बिलों का मकसद 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को पूरी तरह लागू करना है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने पहले दो बिल पेश किया। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीसरा बिल पेश किया। इस बिल को लेकर सरकार की योजना है कि, 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले इस कोटे को लागू कर दिए जाए।
इन तीन बिलों में से "नारी शक्ति वंदन अधिनियम" महिलाओं के लिए कोटे को परिसीमन और पिछली जनगणना से जोड़ता है। इसमें केंद्र सरकार परिसीमन और महिला विधायकों के लिए एक-तिहाई आरक्षण लागू करने के लिए 2011 की जनगणना के आंकड़ों का इस्तेमाल करने की योजना बना रही है।
वहीं, परिसीमन बिल को छोड़कर, जो निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाएं फिर से तय करने के लिए एक आयोग बनाएगा, बाकी दो बिल संविधान संशोधन बिल हैं। इन्हें पास कराने के लिए सदन में मौजूद और वोट देने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होगी। विपक्ष का कोई भी वॉकआउट या वोट न देना बहुमत के आंकड़े को कम कर देगा।


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