मनुष्य का स्वस्थ रहने के लिए पशुओं का स्वस्थ रहना भी आवश्यक
- आईआईएमटी विश्वविद्यालय में पशुओं एवं पालतू कुत्तों के टिकाऊ स्वास्थ्य में होम्योपैथी के योगदान पर तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला प्रारंभ
- स्वस्थ भारत बनाने के लिए पशुओं और पालतू कुत्तों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी बेहद आवश्यकः कुलाधिपति योगेश मोहनजी गुप्ता
मेरठ। मनुष्य को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना है तो उसे पशु और वातावरण का भी ध्यान रखना होगा। एक समय था जब देश में भुखमरी का दौर था और हम अमेरिका से आने वाले खराब क्वालिटी के गेहूं पर निर्भर थे। मगर आज हम अन्य देशों को भी अन्न भेजने में सक्षम हैं। आईआईएमटी विश्वविद्यालय में आयोजित में पशुओं एवं पालतू कुत्तों के टिकाऊ स्वास्थ्य में होम्योपैथी के योगदान पर तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि के रूप में श्री तरुण श्रीधर (आईएएस, सेवानिवृत्त) पूर्व सचिव, भारत सरकार (पशुपालन एवं डेयरी विभाग) ने कहा की वेटरनरी डॉक्टर सिर्फ पशु ही नहीं बल्कि मनुष्यों के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखता है।
आईआईएमटी विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान महाविद्यालय तथा वेटरनरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के तत्वाधान में पशुओं एवं पालतू कुत्तों के टिकाऊ स्वास्थ्य में होम्योपैथी के योगदान पर तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला वैकॉन 2026 का भव्य शुभारंभ कार्यशाला के ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. राजबीर सिंह द्वारा दिए गए स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने देश-विदेश से आए सभी प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत करते हुए सम्मेलन की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला और पारंपरिक एवं आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के समन्वय को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया। सम्मेलन के प्रथम दिवस में देशभर से आए 256 से अधिक वेटरनरी प्रोफेशनल्स, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, फील्ड वेटरनरियंस एवं छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी की।
कार्यशाला की अध्यक्षता योगेश मोहनजी गुप्ता, कुलाधिपति आईआईएमटी विश्वविद्यालय द्वारा की गई। मुख्य अतिथि के रूप में तरुण श्रीधर (आईएएस, सेवानिवृत्त) पूर्व सचिव, भारत सरकार (पशुपालन एवं डेयरी विभाग) उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. डी.वी.आर प्रकाश राव, अध्यक्ष, नेशनल एकेडमी ऑफ वेटरनरी साइंसेज (भारत), प्रो. डॉ. के.एम.एल. पाठक, पूर्व कुलपति, वेटरनरी यूनिवर्सिटी, मथुरा एवं पूर्व महानिदेशक, आईसीएआर, मेजर जनरल एम.एल. शर्मा (सेवानिवृत्त), डॉ. अनूप कालरा, आयुर्वेद एवं अनुसंधान विशेषज्ञ की गरिमामय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगेश मोहनजी गुप्ता, कुलाधिपति आईआईएमटी विश्वविद्यालय ने कहा की होम्योपैथी प्राचीन चिकित्सा पद्धति है जो बिना किसी साइड इफेक्ट के रोगों का उपचार करती है। मनुष्यों की तरह होम्योपैथी चिकित्सा पशुओं के लिए भी लाभकारी है। विकसित भारत बनाने के लिए कृषि क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान है। लेकिन स्वस्थ भारत बनाने के लिए पशुओं और पालतू कुत्तों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी बेहद आवश्यक है।
स्वागत उद्बोधन के पश्चात उच्च स्तरीय वैज्ञानिक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें तनुवास (तमिलनाडु) सहित केरल एवं कर्नाटक के वैज्ञानिकों द्वारा वेटरनरी होम्योपैथी एवं “वन हेल्थ” विषय पर महत्वपूर्ण प्रस्तुतियां दी गईं।
मुख्य अतिथि श्री तरुण श्रीधर ने अपने संबोधन में ‘वन हेल्थ’ की अवधारणा को रेखांकित करते हुए कहा की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियाँ पशु स्वास्थ्य प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं और एंटी माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) जैसी वैश्विक चुनौतियों के समाधान में सहायक सिद्ध हो सकती हैं।
इस अवसर पर विभिन्न विशिष्ट हस्तियों को सम्मानित किया गया। जिसमें श्री योगेश मोहनजी गुप्ता कुलाधिपति आईआईएमटी विश्वविद्यालय को ग्लोबल कर्मयोगी लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। डॉ. डीवीआर प्रकाश राव को डॉ. सीएम सिंह कर्मयोगी लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड, वीएआई ग्लोबल लीजेंड अवार्ड और वीएआई फेलोशिप, डॉ. अनुप कालरा को ग्लोबल वन हेल्थ लीडरशिप अवार्ड, मेजर जनरल एम.एल. शर्मा (सेवानिवृत्त) को ग्लोबल लीजेंड अवार्ड, प्रो. डॉ. के.एम.एल. को ग्लोबल वेटरनरी लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड, डॉ. राजबीर सिंह को कृषि-पशु चिकित्सा नेतृत्व और विस्तार में लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार और तरुण श्रीधर को वीएआई की मानद फैलोशिप से सम्मानित किया गया।
विशिष्ट अतिथि डॉ. डी.वी.आर. प्रकाश राव ने इस अवसर पर भारतीय पशु चिकित्सा क्षेत्र के महान योगदानकर्ता डॉ. कमल सिंह को भारतीय पशु चिकित्सा पद्धति के जनक के रूप में स्मरण किया।
यह भव्य कार्यक्रम आईआईएमटी विश्वविद्यालय के सहयोग तथा गोयल वेट फार्मा के विशेष सहयोग से सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। आईआईएमटी विश्वविद्यालय द्वारा उत्कृष्ट स्तर की व्यवस्था सुनिश्चित की गईं। विश्वविद्यालय परिसर में आधुनिक एवं सुसज्जित कॉन्फ्रेंस हॉल की उच्च गुणवत्ता की व्यवस्था प्रतिभागियों के लिए अत्यंत प्रभावशाली रही। इसके अतिरिक्त, देश-विदेश से आए सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के आवास, आतिथ्य एवं लॉजिस्टिक प्रबंधन की भी अत्यंत पेशेवर एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई, जिसकी सभी ने मुक्त कंठ से सराहना की। साथ ही, गोयल वेट फार्मा के सहयोग ने इस सम्मेलन को और अधिक सफल एवं प्रभावशाली बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके लिए आयोजक मंडल द्वारा विशेष आभार व्यक्त किया गया।

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