सेंट्रल मार्केट को बचाने की व्यापारियों ने लगाई गुहार
डीएम को सौंपा ज्ञापन बोले- दहशत में हो रही व्यापारियों की मौत
मेरठ। शास्त्री नगर स्थित सेंट्रल मार्केट में प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों में दहशत बढती जा रही है। इस संबंध में गुरूवार को व्यापारियों ने एकत्रित होकर जिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई है।
व्यापारियों का कहना है कि सेंट्रल मार्केट केवल व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र नहीं है, बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका का मुख्य आधार है। मार्केट से जुड़े दुकानदारों, कर्मचारियों, मजदूरों, रिक्शा चालकों, ठेला संचालकों और अन्य दैनिक वेतनभोगियों की रोजी-रोटी इसी पर निर्भर है। ऐसे में अचानक ध्वस्तीकरण से बड़े पैमाने पर आर्थिक संकट उत्पन्न हो सकता है।
डर के कारण हो रही व्यापारियों की मौत- जीतू नागपाल
मेरठ व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष जीतू नागपाल ने कहा कि व्यापारियों के प्रतिष्ठान टूटने को लेकर काफी परेशान हैं। पिछले एक हफ्ते में व्यापारियों के चार परिवार में मौत हो चुकी है और एक व्यापारी हार्ट अटैक आने के बाद अस्पताल में भर्ती है। इसलिए अब हम सुप्रीम को कोर्ट से यह अपील करते हैं कि एक बार वह अपने निर्णय पर विचार करें और हमारी रोजी रोटी बचाए।
दल अलग लेकिन मांग सभी की एक- शैंकी वर्मा
व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष शैंकी वर्मा ने कहा कि यहां कोई राजनैतिक मुद्दा नहीं है। व्यापारियों का अपना अपना राजनैतिक दल अलग हो सकता है लेकिन मांग सभी की है। तमाम पार्टियों का भी हम अपनी इस समस्या में शामिल होने के लिए स्वागत करते हैं और व्यापारियों के प्रतिष्ठान बचाने की गुहार लगाते हैं।
प्रतिष्ठान नहीं परिवार बचाने की गुहार- सुदीप जैन
सुदीप जैन ने कहा कि शहर का इतना महत्वपूर्ण मार्केट अलग गलत मानकों पर भी तैयार है तो भी सरकार और न्यायलय को भी फिर से इसपर विचार किया जाना चाहिए। यहां केवल प्रतिष्ठान नहीं टूटेंगे बल्कि परिवार टूट जाएंगे। नियमों में बदलाव कर दुकानें बचाई जानी चाहिए।
गुहार लगा बता रहे परेशानी- राहुल मलिक
व्यापारी राहुल मलिक ने कहा कि हम आज जिला अधिकारी को भी अपनी परेशानी बताते हुए यह गुहार लगा रहे हैं कि हमारे परिवार को टूटने से बचा लिया जाए क्योंकि यह सिर्फ दुकानें नहीं बल्कि हमारा परिवार है इसलिए सरकार और न्यायालय को इसपर विचार करना चाहिए।


No comments:
Post a Comment