8 घंटे की शिफ्ट टीवी के लिए संभव नहींः अर्जुन बिजलानी
मुंबई । टीवी की दुनिया बाहर से जितनी चमकदार और रंगीन दिखाई देती है, अंदर से उतनी ही दबाव से भरी होती है। घंटों शूटिंग, लगातार काम का दबाव और निजी जीवन के लिए कम समय, ये सब टीवी कलाकारों की रोजमर्रा जिंदगी का हिस्सा है।
अर्जुन बिजलानी ने टीवी इंडस्ट्री के लंबे वर्किंग आवर्स को बेहद मुश्किल बताया। उन्होंने कहा, "कागज पर भले ही 12 घंटे की शिफ्ट लिखी जाती हो, लेकिन असल में कलाकारों का पूरा दिन काम में ही निकल जाता है। शूटिंग के अलावा सेट तक आने-जाने का समय, मेकअप, और कई बार ओवरटाइम भी इसमें जुड़ जाता है, जिससे काम के घंटे और बढ़ जाते हैं।"
अर्जुन ने उदाहरण देते हुए कहा, ''अगर किसी कलाकार की शूटिंग सुबह 9 बजे से शुरू होती है, तो उसे सुबह 7 बजे उठना पड़ता है। 8 बजे तक घर से निकलना जरूरी होता है ताकि समय पर सेट पहुंचा जा सके। खासकर महिला कलाकारों को कई बार और भी जल्दी बुलाया जाता है, क्योंकि उन्हें मेकअप और तैयार होने में ज्यादा समय लगता है। इस वजह से उनका दिन और भी लंबा हो जाता है।'' उन्होंने कहा, ''शूटिंग अक्सर रात 9 बजे तक चलती है और कई बार इससे भी देर हो जाती है। शूट खत्म होने के बाद भी कलाकारों को मेकअप उतारने और कपड़े बदलने में समय लगता है। इसके बाद ट्रैफिक में घर लौटना एक अलग चुनौती होती है। कई बार कलाकार रात के काफी देर से घर पहुंचते हैं, जब शरीर पूरी तरह थक चुका होता है।''


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