के एल की अनन्या ने बिना किसी कोच के भारत के लिए बटोरे दो गोल्ड मेडल 

16 से 30  तक कजाकिस्तान में एशियन शूटिंग चैम्पियनशिप किया आयोजन 

 मेरठ।  कजाकिस्तान में 16 से 30 अगस्त  तक आयोजित हो रही  एशियन शूटिंग चैम्पियनशिप के युवा वर्ग प्रतियोगिता में के एल इंटरनेशनल स्कूल की पूर्व छात्रा अनन्या ने 10 मीटर एयर राईफल  यूथ वूमेन कैटिगरी में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को दो सोने की पदक  दिलाये। जिसमें में  व्यक्तिगत व एक टीम कैटिगरी मिला। बुधवार को अनन्या को केएल के प्रबंधन तत्र ने सम्मानित किया ।



बुधवार को भारत की झोली में दो सोने के तमगे डालने वाली अनन्या के एल इंटरनेशनल स्कूल पहुंची। जहां पर उसका जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान अनन्या ने  मीडिया काे जानकारी देते हुए बताया कि उसके पिता हरिशरण सिंह खरदौनी के उच्च प्राथमिक विद्यालय व माता अमिता शर्मा प्राथमिक विद्यालय सैनी में शिक्षक के पद पर कार्यरत है। 

 पिता ने  घर में बना डाला शूटिंग रेंज 

उसने बताया उसका सपना था  वह अंतराष्ट्रीय स्तर की शूटर बने । इसलिए उसके पिता ने घर के पिछले हिस्से में दस मीटर का शूटिंग रेंज बनवाया। अभिवन बिन्द्रा को रोल माॅडल को ध्यान मे रखते हुए उसने बिना की कोच के प्रैक्टिस आरंभ की। जिसके कारण उसका आत्मविश्वास बढ़ता गया। सीबीएसई प्रतियोगिता में व्यक्तिगत शूटिंग प्रतियोगिता में स्कूल के गोल्ड मैडल दिलवाया। इसके अतिरिक्त नेशनल सीबीएसई गेम्स में स्कूल के लिए गोल्ड पदक प्राप्त किया। उसने बताया उसका चयन कजाकिस्तान में 16वी एशियन शूटिंग प्रतियोगिता के किया गया। उसने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए  व्यक्तिगत व टीम में दस मीटर एयर राईफल में दो  स्वर्ण पदक प्राप्त किया। उसने बताया उसका अगला टारगेट ओलपिंक में भारत के शूटिंग में गोल्ड लाना है। उसी को ध्यान में रखते वह एकआग्रता के साथ प्रैक्टिस में जुट गयी है।अनन्या ने बताया जिस समय वह हाथ में तिरंगा लेकर पदक प्राप्त कर रही थी वह पल बंया नहीं कर सकती  कि वह कितनी खुश थी  । भारत के दो पदक जीतने का श्रेय वह अपने माता पिता को देती है। जिन्होंने उनका मार्गदर्शन किया।

युवाओं को संदेश देते हुए अनन्या ने कहा अगर किसी में पदक जीतने की ललक है तो उसका सपना हर हाल मे पूरा होगा है।सिर्फ और सिर्फ अन्य चीजों को छोड़कर अपने खेल पर फोकस करे। अनन्या की इस अभूतपूर्व सफलता पर विद्यालय के प्रबंधक वर्ग, प्रधानाचार्य सुधांशु शेखर, सभी शिक्षकों एवं सहपाठियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अनन्या की उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे मेरठ और देश के लिए गर्व का विषय है।


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