करोड़ की रिश्वत ऑफर करने वाला हिमांशु पहुंचे जेल

 विशेष न्यायाधीश, विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट में किया गया पेश

मेरठ। आगरा में ड्रग विभाग की टीम को एक करोड़ की रिश्वत की पेशकश करने वाले हिमांशु अग्रवाल को सोमवार को न्यायालय ने जेल भेज दिया। कड़ी सुरक्षा में हिमांशु को मेरठ स्थित विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने हिमांशु को हिरासत में लिया और जेल में दाखिल कर दिया।

लखनऊ एसटीएफ और ड्रग विभाग की टीम ने रविवार को आगरा में नकली दवाईयों के एक बड़े सिंडीकेट का पर्दाफाश किया था। यह कार्रवाई आगरा के बड़े दवा बाजार में की गई थी। आरोप था कि यह गिरोह देश की नामचीन दवा कंपनियों जाइडस, ग्लेनमार्क, सन फार्मा के नाम पर नकली दवा तैयार कर ना केवल देश के कोने कोने बल्कि नेपाल और बांग्लादेश तक सप्लाई कर रहा था।

करीब 3.3 करोड़ की नकली दवा जब्त की गई। अभी टीमें कार्रवाई कर ही रहीं थी कि हे मां मेडिकल स्टोर के संचालक हिमांशु अग्रवाल पुत्र पवन कुमार अग्रवाल निवासी जी-48, कर्मयोगी थाना कमला नगर कमिश्नरेट आगरा ने कार्रवाई रोकने के लिए टीम के सामने 1 करोड़ रुपये की पेशकश कर दी। इसके बाद उसने एक करोड़ और देने की बात कही।

जैसे ही वह नोट भरे बैग लेकर पहुंचा, टीम ने उसे दबोच लिया। हिमांशु अग्रवाल के खिलाफ आयुक्त औषधि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन बस्ती मंडल बस्ती आगरा नरेश दीपक की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई।

कड़ी सुरक्षा में लाया गया मेरठ

गिरफ्तारी के बाद हिमांशु अग्रवाल को मेरठ स्थित एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया जाना था। दोपहर में कड़ी सुरक्षा के बीच टीम उसे लेकर मेरठ आ गई। यहां अभिषेक उपाध्याय, विशेष न्यायाधीश, विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट संख्या तीन में पेश किया गया।दोपहर में रिमांड के लिए आवेदन किया गया, जिसे स्वीकार करते हुए हिमांशु अग्रवाल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

जीएसटी व कस्टम पहले से कर रही थी कार्रवाई

हिमांशु अग्रवाल के आफिस पर जब एसटीएफ व ड्रग डिपार्टमेंट की टीम पहुंची तो वहां पहले से जीएसटी और कस्टम की टीम मौजूद थी। इन टीमों ने पूरी रात छानबीन की। तब तक ड्रग डिपार्टमेंट की टीम के निरीक्षक कानपुर ओमपाल सिंह और उप निरीक्षक जितेंद्र थाना कोतवाली वहां मौजूद रहे।

किसी और का माल पकड़वाने का दिया झांसा

हिमांशु अग्रवाल ने खुद को फंसता देख टीम को मैनेज करने का प्रयास शुरु कर दिया। उसने टीम के समक्ष प्रस्ताव रखा कि वह अपनी जगह किसी और को पकड़वा देता है। बस टीम उसे कुछ ना करे। इसकी एवज में वह टीम को अच्छी खासी धनराशि दूंगा। टीम उसकी मंशा भाप चुकी थी। उसे विश्वास में लेकर टीम कार्रवाई करती रही और साक्ष्य एकत्र करती रही। हिमांशु पूरी तरह टीम की निगरानी में था।

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