पीएमएसएमए : एक, नौ, 16 और 24 तारीख को हर माह चार दिन चलता है अभियान
दशहरे की छुट्टी के चलते इस बार 25 को होगा आयोजन
- अप्रैल से सितंबर तक 14 हजार से अधिक गर्भवती उठा चुकी हैं लाभ
- दो हजार गर्भवती पा चुकी हैं ई-रुपी वाउचर से अल्ट्रासाउंड सुविधा
- जनपद में 13 निजी केंद्रों पर वाउचर के जरिए होते हैं अल्ट्रासाउंड
हापुड़, 23 अक्टूबर, 2023। गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व देखभाल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत हर माह चार नियत दिवसों पर प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। एक, नौ, 16 और 24 तारीख को अवकाश होने की स्थिति में पीएमएसएमए का आयोजन अगले कार्य दिवस पर किया जाता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डा. सुनील कुमार त्यागी ने बताया - 24 को दशहरे की छुट्टी के चलते इस बार पीएमएसएमए का आयोजन 25 तारीख को होगा। सीएमओ ने कहा - मातृ एवं शिशु के बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रसव पूर्व चार जांच जरूरी होती हैं। कोई भी गर्भवती यह सुविधा प्राप्त करने के लिए नियत दिवस पर अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क कर सकती है या फिर आशा बहन से इस संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकती है, जरूरत होने पर स्वास्थ्य केंद्र जाने के लिए आशा के जरिए निशुल्क एंबुलेंस सेवा भी प्राप्त की जा सकती है।
सीएमओ डा. सुनील कुमार त्यागी ने बताया - पहली जांच गर्भ ठहरने के आठ सप्ताह के अंदर, दूसरी जांच 14 से 26 सप्ताह के बीच, तीसरी जांच 28 से 34 सप्ताह के बीच और चौथी जांच 36 सप्ताह का समय पूरा होने पर कराने की सलाह दी जाती है। दूसरी और तीसरी तिमाही में सभी गर्भवती को कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) शुरू किया गया है। इस वर्ष अप्रैल से सितंबर तक जिले में 14,121 गर्भवती पीएमएसएमए का लाभ उठा चुकी हैं। इस दौरान अभियान के अंतर्गत 1959 गर्भवती ई-रुपी वाउचर के जरिए अल्ट्रासाउंड सुविधा प्राप्त कर चुकी हैं।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) सतीश कुमार ने बताया - प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान सरकार का उच्च प्राथमिक वाला कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत अब हर माह की एक, नौ, 16 और 24 तारीख को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र - हापुड़, सिखेड़ा, गढ़मुक्तेश्वर, धौलाना, सपनावत के साथ ही संयुक्त जिला चिकित्सालय पर पीएमएसएमए के अंतर्गत प्रसव पूर्व जांच सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, हालांकि जिला स्तरीय चिकित्सालयों पर प्रसव पूर्व जांच सुविधा प्रतिदिन उपलब्ध रहती है। प्रसव पूर्व जांच से प्रसव के समय होने वाली जटिलताओं का पहले से आंकलन कर निदान का प्रयास किया जाता है।
सतीश कुमार ने बताया – नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (यूपीएचसी) भीमनगर, यूपीएचसी मजीदपुरा और यूपीएचसी पिलखुवा पर पीएमएसएमए का आयोजन माह में केवल एक बार नौ तारीख को किया जाता है। सभी आशा कार्यकर्ताओं को अपने - अपने क्षेत्र की गर्भवती को स्वास्थ्य केंद्र पर लाकर अधिक से अधिक प्रसव पूर्व जांच कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य गर्भ में पल रहे शिशु के स्वास्थ्य के साथ ही गर्भवती में रक्ताल्पता, गर्भावस्था प्रेरित उच्च रक्तचाप और मधुमेह आदि का समय से चिकित्सकीय प्रबंधन करना भी है।
डीपीएम ने बताया - गर्भ में पल रहे शिशु की ग्रोथ के बारे में पता करने के लिए गर्भवती को ई-वाउचर के जरिए निजी केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड सुविधा प्रदान की जा रही है। इस सुविधा के लिए हापुड़ ब्लॉक में छह, सिंभावली में एक, गढ़मुक्तेश्वर में दो और धौलाना ब्लॉक में चार निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों के साथ स्वास्थ्य विभाग ने करार किया है। पीएमएसएमए दिवस पर जांच के दौरान गर्भवती को ई-वाउचर जारी किया जाता है। यह वाउचर करार किए गए निजी केंद्रों पर एक माह तक मान्य होते हैं।


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