स्वास्थ्य केन्द्रों पर मनाया गया एकीकृत निक्षय दिवस, 92 सैंपल जांच को भेजे

मेरठ, 15 अप्रैल 2023। जिले  में सभी स्वास्थ्य केन्द्रों और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर शनिवार को   एकीकृत निक्षय दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान ओपीडी में आये 2352 मरीजों की स्क्रीनिंग की गयी, जिसमें 92 टीबी के संभावित मरीजों के बलगम के सैंपल जांच के लिए लैब में भेजे गये। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डा. अखिलेश मोहन व जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डा. गुलशन राय ने ओपीडी का निरीक्षण कर लोगों को टीबी के प्रति जागरूक किया। 

डा. गुलशन राय ने बताया- एकीकृत निक्षय दिवस पर 176 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) व 392 आशा कार्यकर्ताओं की सेवाएं ली गयीं। उन्होंने कहा ओपीडी में बड़ी संख्या में मरीज आये, जिन्होंने जांच में रुचि दिखायी। एकीकृत निक्षय दिवस के आयोजन का उद्देश्य क्षय रोग के बारे में जन.जागरूकता और मॉनीटरिंग बढ़ाना है, जिससे क्षय रोगियों की पहचान और उपचार जल्दी हो सके।  उन्होंने कहा-दरअसल पल्मोनरी टीबी एक संक्रामक रोग है और पहचान में देरी होने से उपचार शुरू होने तक रोगी अपने संपर्क में आने वाले कई लोगों को संक्रमित कर सकता है। टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए संक्रमण का चक्र तोड़ना जरूरी है।



 एकीकृत निक्षय योजना के बारे में लोगों को किया गया जागरूक

 डीटीओ ने बताया – एकीकृत निक्षय दिवस के अवसर पर ओपीडी में मरीजों की जांच करने के साथ -साथ सीएचओ, एएनएम व आशा कार्यकर्ताओ ने ओपीडी में आने वाले लोगों को एकीकृत निक्षय दिवस के बारे में विस्तृत रूप से जागरूक किया। उन्हें बताया गया कि विभाग की ओर से क्षय रोग की जांच और उपचार का प्रावधान है।   निक्षय पोषण योजना के तहत उपचार जारी रहने तक सरकार की ओर से हर रोगी के बैंक खाते में प्रतिमाह पांच सौ रुपए का भुगतान किया जाता है । भले ही क्षय रोगी का उपचार किसी निजी चिकित्सालय में चल रहा हो। यह राशि क्षय रोगी को बेहतर पोषण के लिए दी जाती है। इसके लिए नोटिफिकेशन जरूरी है।

डा. राय ने जनता से अपील की है कि अगर किसी को टीबी के लक्षण नजर आएं तो अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच अवश्य करायें। आपकी सजगता से परिवार के अन्य सदस्य संक्रमण से बच सकते हैं। 

  


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