पेट दर्द में जायफल है रामबाण
पेट दर्द, गैस, कब्ज जैसी पेट की समस्याएं दूर करने का आसान उपाय है जायफल का सेवन, लेकिन इसके लिए इस्तेमाल का सही तरीका और सही मात्रा में सेवन की जानकारी होना जरूरी है।अपच की वजह से पेट में दर्द हो सकता है। जायफल का सेवन करने से अपच की समस्या दूर होती है। डाइजेशन सिस्टम बेहतर रहता है। डॉ सिद्धार्थ कहते हैं कि आयुर्वेद में पेट से जुड़ी परेशानियों को दूर करने के लिए जायफल रामबाण माना गया है।
जायफल-नींबू
नींबू पेट में एसिड की परेशानी को दूर करता है। जायफल के साथ नींबू के सेवन से सिर दर्द, माइग्रेन का दर्द और दांत दर्द दूर होता है।
जायफल-सोंठ
जायफल पाउडर में सोंठ मिला लें। 2 चम्मच जायफल पाउडर ले रहे हैं, तो उसमें 1 चम्मच नींबू का रस मिलाएं। इससे पेट में दर्द की समस्या दूर होगी। इस मिश्रण को आप गुनगुने पानी में मिलाकर पी सकते हैं।
जायफल-शहद
जायफल और शहद पेट दर्द दूर करते हैं। जायफल के चूर्ण को शहद के साथ मिलाकर खाने से गैस और दस्त की समस्या से छुटकारा मिलता है। इसमें थोड़ा घी मिलाकर भी ले सकते हैं।
जायफल-अदरक-दालचीनी-सेंधा नमक
जायफल के साथ अदरक, दालचीनी, सेंधा नमक मिलाएं। इसका सेवन करने से दस्त, पेट में दर्द की समस्या दूर होती है। इस मिश्रण का सेवन गुनगुने पानी के साथ कर सकते हैं।
जायफल-गुड़
गैस्ट्रिक समस्याओं को दूर करने के लिए रोजाना जायफल और गुड़ खा सकते हैं। जायफल, नींबू और गुड़ को मिलाकर चाय बनाकर भी पी सकते हैं।
जायफल-छाछ
पेट दर्द दूर करने के लिए जायफल के पाउडर में छाछ में मिलाएं। छाछ पेट के लिए फायदेमंद है। अपच या गैस की समस्या हो रही है, तो जायफल के साथ छाछ का सेवन फायदेमंद है।
बच्चों के लिए जायफल के फायदे
छोटे बच्चे अक्सर पेट दर्द या मौसमी बीमारियों से परेशान रहते हैं। ऐसे में जायफल की सही मात्रा देकर उन्हें इन समस्याओं से दूर रखा जा सकता है। आइए, जानते हैं कि बच्चों को जायफल कैसे और कितनी मात्रा में दें।
पेट से जुड़ी प्रॉब्लम्स को रखे दूर
अक्सर बच्चों के पेट में गैस बनने लगती है, जिसकी वजह से वो चिड़चिड़े हो जाते हैं। ऐसे में जायफल के सेवन से उन्हें इस समस्या से छुटकारा दिलाया जा सकता है। बच्चों को जायफल देने से पेट में ऐंठन या दर्द से तुरंत आराम मिलता है।
अच्छी नींद के लिए
बच्चों की दूध की बोतल में थोड़ा सा जायफल पाउडर मिला देने से वो शांत हो कर सो जाते हैं। इससे उनके पेट में कोई तकलीफ नहीं होती, जिससे उनकी नींद बीच में टूटती नहीं है।
डाइजेशन की समस्या से छुटकारा
छोटे बच्चों का पाचन तंत्र ठीक से डेवलप न होने के कारण उन्हें अपच की समस्या हो सकती है। ऐसे में ठोस आहार देने से उनके पेट में दर्द, गैस या दस्त भी हो सकता है। दस्त के समय शिशु को जायफल देना कारगर साबित हो सकता है।
सर्दी-खांसी के इलाज में मददगार
जायफल की तासीर गर्म होती है जिससे सर्दी-खांसी कुछ समय में ठीक हो जाती है। ठंड से बचने के लिए बच्चों को जायफल देना सबसे प्रभावी घरेलू उपचारों में से एक है।
जायफल देने का तरीका
बच्चे की डाइट में जायफल जरूर शामिल करें। जायफल को 1 चम्मच दूध या पानी के साथ पत्थर पर घिसकर पीस लें। इस पेस्ट को बच्चे के दूध, दलिया, अनाज मिलाकर उसे दें।
कितना डोज देना होगा सही
जब तक बच्चा 6 महीने का नहीं हो जाता, तब तक उसे जायफल नहीं देना चाहिए। छह महीने के बाद गर्मियों के मौसम में इसे दिन में एक बार 0.5 मिलीग्राम और सर्दियों में 0.5 मिलीग्राम दो बार दे सकते हैं। बच्चे को जायफल का सेवन करने से पहले चाइल्ड स्पेशलिस्ट से सलाह लें।


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