बाल विवाह रोकने के लिये जनता को आगे आना होगा:गुलाम मोहम्मद

बाल विवाह के खिलाफ दीप जलाओ जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

मेरठ, 17 अक्टूबर 2022।  बाल विवाह रोकने के लिये सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र रोहटा पर कैलाश सत्यार्थी की संस्था बचपन बचाओ आंदोलन के तत्वावधान में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सिवाल खास के विधायक गुलाम मोहम्मद शरीक हुए। जागरूकता कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा- बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है। महिलाओं के प्रति उत्पीड़न को रोकने के लिए लोगों को एकजुट होकर आगे आना चाहिए।
इस अवसर पर रोहटा ब्लॉक परिसर में महिलाओं और बच्चों के  साथ जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ दीया जला कर किया गया और मोमबत्ती मार्च निकालागया। अभियान में बालिकाओं ने हिस्सेदारी कर बाल विवाह प्रथा को खत्म करने की शपथ ली।इसी क्रम में मेरठ जिले के ब्लॉक  सरूरपुर और जानी में भी कार्यक्रम हुए।बाल विवाह के खिलाफ  जागरूकता अभियान के  इस दीप जलाओ  कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और बाल विवाह प्रथा को खत्म करने का संकल्प लिया गया। इस मौके पर सिवालख़ास के विधायक हाजी गुलाम मोहम्मद, महिला विकास विभाग से नेहा त्यागी, कई गाँवों के प्रधान समेत बड़ी संख्या में बालिकाएंशामिल हुईं।
विधायक हाजी गुलाम मोहम्मद ने इस अवसर पर कहा -  कैलाश सत्यार्थी का  यह प्रयास बहुत सराहनीय है। विधायक होते हुए मैं भी अपने विधानसभा में बाल विवाह के विरुदध अभियान चलाउंगासाथ ही बच्चों को इस अपराध से बचाने के लिए कार्यक्रमों के माध्यम से अलख जगाउंगा। विधायक  ने महिलाओं का आह्वान किया कि वह सबसे पहले इसकाविरोध करें। सभी ने एक  सुर में बाल विवाह को रोकने के लिए सख्ती से कानून का पालन करवाने की बात कही।
संस्था की वरिष्ठ प्रबन्धक  सुश्री डलिया ने कहा-  कैलाश सत्यार्थी ने लोगों कोजागरूक कर बाल विवाह के  प्रति उनकीसोच व व्यवहार में बदलाव लाने और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने काबीड़ा उठाया है।इसी के लिए उन्होंने इस अभियान की शुरुआत कीहै। इस अभियान के तीन मुख्य लक्ष्य हैं। पहला कानून का सख्ती से पालन हो। दूसरा,महिलाओं और बच्चों का सशक्तीकरण और 18 साल तक के  सभी बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा कीव्यवस्था। जबकि  तीसरा उन्हेंयौन शोषण से बचाना है।
भारत सरकारकी साल 2011 की जनगणना के अनुसार देश में1.2 करोड़ से ज्यादा बच्चों के बाल विवाह हुए हैं। जिसमेंकरीब 52 लाख नाबालिग लड़कियां थीं। इसकीतस्दीक नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के  ताजा आंकड़े भी करते हैं। इनके  अनुसार देश में 20 से 24 साल की उम्र करीब23.3 प्रतिशत महिलाएं ऐसी हैं, जिनकाबाल विवाह हुआ है। इसमें 10 प्रतिशत की कमी लाना ही अभियान का उद्देश्य है। कार्यक्रम में जिला समन्वयक  निश्चल त्यागी, पुष्पेन्द्र कुमार,शान मोहम्मद,शेरखान,लीलावती, इमरान, सीमा आदि ने सहयोग किया।

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