सरधना (मेरठ) बरसात के चलते रोहटा गांव में शुक्रवार अलसुबह विधवा महिला का कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। गनीमत यह रही कि जब मकान गिरा उस समय विधवा ने अपने बच्चों को सोते हुए उठाकर आनन फानन में बाहर निकाल दिया था। परिवार के बाहर आते ही जर्जर स्थिति का मकान भरभरा कर गिर गया। मकान गिरने तेज आवाज सुनके इकट्ठा हुए मौहल्लेवासियों ने डरे सहमे विधवा के परिवार को सांत्वना दी।
सरोज पत्नि स्व0 करणवीर प्रजापति अपने तीन बेटों और एक बेटी के साथ क्षेत्र के गांव रोहटा में घरों में मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करती हैं। सरोज के पति का करीब 3 साल पहले बीमारी के चलते निधन हो गया था। रोजाना की भांति सरोज अपने चारों बच्चों के साथ अपने कच्चे मकान में सोने चली गई। शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे जब सरोज आंगन में बंधी भैंस को चारा देने के लिये सोकर उठी तो उसने अचानक अपने मकान की छत से कच्ची मिट्टी के लोथड़े गिरते हुए देखे, जिससे घबराकर सरोज ने अपने सोते हुए बच्चो को जगाकर बाहर निकाला। जैसे ही सरोज बच्चों समेत बाहर आई, एकदम से उसका मकान भरभराकर गिर गया। मकान में सरोज के लाखों रूपए की कीमत का सामान दबकर मिट्टी से खराब हो गया। सरोज की आर्थिक हालत सही नही हैं और अपनी बेटी की शादी के लिए कुछ कीमती सामान मेहनत मजदूरी कर जोड़कर रखा हुआ था, जो मकान के गिरने से सारा खराब हो गया। अब सरोज और उसके परिवार को मकान गिर जाने से खुले आसमान के नीचे जीने पर मजबूर होना पड़ेगा। ग्रामीण दीपक चौधरी, इंद्रपाल भाटी, पवन, सुनील, अनिल, पप्पू आदि ने शासन स्तर पर सरोज को 5 लाख रु0 मुआवजा तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मकान बनवाने की गुहार लगाई हैं। वही सरोज का कहना हैं कि ब्लॉक स्तर से कई सालों से अपने कच्चे मकान को बनवाने के चक्कर काट कर थक चुकी हैं, किंतु कथित दलालों के पैसों की मांग के चलते उसका मकान नही बन पाया हैं। वही ग्राम प्रधान रोहटा चन्द्रपाल जाटव ने मौके पर पहुंचकर विधवा सरोज की हर सम्भव मदद करने का आश्वासन दिया हैं। वही ग्राम सचिव व लेखपाल के विधवा महिला के घर जाकर देखना गवारा भी न समझा, जिससे ग्रामीणों में रोष फैला हुआ हैं।



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