दुष्कर्म पीड़िता ने भी तोड़ा दम
 बसपा सांसद पर दर्ज कराया था केस

नई दिल्ली (एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट के बाहर खुद को आग लगाने वाली 24 साल की दुष्कर्म पीड़िता ने मंगलवार की सुबह 11 बजे दम तोड़ दिया। दरअसल 16 अगस्‍त की सुबह पीड़िता और उसके पैरोकार युवक ने सुप्रीम कोर्ट के गेट पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़क कर आग लगा ली थी। इस मामले में युवक की 21 अगस्त को मौत हो गई थी, जबकि मंगलवार की सुबह युवती ने भी दम तोड़ दिया।

पुलिस के मुताबिक मंगलवार सुबह 11 बजे युवती की मौत हुई। राम मनोहर लोहिया अस्पताल में ही पोस्टमार्टम करवा शव उसके स्वजनों को सौंप दिया गया। चार दिन पहले हालात बिगड़ने पर पुलिस ने युवती की मां व भाई को दिल्ली बुला लिया था। युवती बलिया जिले के कोटवा नारायणपुर गांव की रहने वाली है। दो भाई-बहन में युवती बड़ी थी। छोटा भाई दसवीं में पढ़ता है। पिता की कई साल पहले मृत्यु हो चुकी है। मां मानसिक तौर पर कमजोर है। शुरू से युवती ने अपनी पढाई आदि को लेकर खुद ही हर फैसला लेती रही।
वाराणसी के यूपी कालेज से उसने उच्च शिक्षा हासिल की। कालेज में ही उसकी गाजीपुर के सियाडी भांवरकोल गांव के रहने वाले छात्र नेता सत्यम प्रकाश से दोस्ती हुई। उसके बाद दोनों मिलजुल कर फैसला लेते रहे। 26 वर्षीय सत्यम कालेज में उसका सीनियर था। वह अति महत्वाकांक्षी था। 2013 में सत्यम ने कालेज से उपाध्यक्ष पद का चुनाव जीता। 2016 में उसने भांवरकोल तृतीय से पचायत चुनाव लड़ा लेकिन हार गया। उसी के बाद से वह सांसद अतुल राय के साथ रहना शुरू कर दिया था। सत्यम ने युवती को भी कालेज से 2015 में महामंत्री का चुनाव लड़वाया लेकिन वह हार गई।
दोनों, सांसद के साथ काम करने लगे थे। आरोप है कि एक मई 2019 को सांसद अतुल राय ने युवती को पत्नी से मिलवाने के बहाने उसे अपने साथ लेकर लंका स्थित एक अपार्टमेंट में परिचित के फ्लैट में ले जाकर दुष्कर्म कर दिया था। उसी दिन युवती ने सांसद के खिलाफ लंका थाने में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करा दिया था। प्रयागराज स्थित एमपी एमएलए कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही है। सांसद अभी नैनी जेल में बंद है।
सांसद के भाई की याचिका पर सीजीएम कोर्ट के आदेश पर युवती व उसके पैरोकार सत्यम के खिलाफ हनीट्रैप व उगाही करने का मुकदमा दर्ज कराने पर कोर्ट ने जब दोनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर भगोड़ा भी घोषित कर दिया तब से दोनों भारी मानसिक दबाव में जहां तहां छिपकर रह रहे थे।
यूपी में जल्द न्याय न मिलता देख दोनों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सांसद के खिलाफ प्रयागराज में चल रही सुनवाई को दिल्ली में ट्रांसफर करने की गुहार लगा रहे थे। इसी सिलसिले में दोनों बीते 16 अगस्त को भी सुप्रीम कोर्ट आए थे। सुरक्षाकर्मियों ने जब उनके पास वैद्य दस्तावेज न होने के कारण अंदर जाने से रोक दिया था तब उन्होंने गेट नंबर डी के बाहर खुद पर ज्वलनशील पदार्थ उड़ेल आग लगा ली थी। सत्यम की 20 अगस्त की देर रात 2.35 बजे मौत हो गई थी। 

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