मेरठ। देश भर में कोरोना के प्रकोप के दौरान एक बार फिर 'मेक इन इंडिया' ने अपना रंग दिखाया है। दरअसल फ्रिज के ठंडे पानी से संक्रमण की दहशत के चलते लोगों ने अपने घरों में रखे फ्रिजो से परहेज करना शुरू कर दिया है। मार्केट में मिट्टी के घड़ों की डिमांड बढ़ गई है। जिसके चलते मिट्टी के बर्तन बेचने वालों के चेहरे खिले हुए हैं। गढ़ रोड पर 15 सालों से मिट्टी के घड़े बेच रहे दीपक प्रजापति ने बताया कि इन दिनों वह रोज लगभग 50 से सौ तक मिट्टी के घड़े बेच रहे हैं। खास बात यह है कि गर्मी के इस मौसम में उनकी दुकान पर घड़े खरीदने के लिए आने वाले मामूली इंसान नहीं, बल्कि बड़ी-बड़ी लग्जरी गाड़ियों में सवार होकर लोग मिट्टी के घड़े खरीदने आ रहे हैं। पुश्तों से मिट्टी के बर्तनों का काम करते आ रहे भंवर सिंह प्रजापति ने बताया कि वैसे तो हर साल गर्मी के दिनों में घड़ों की बिक्री बढ़ जाती थी। मगर इस बार कोरोना काल के चलते घड़ों की बिक्री में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। आलम यह है कि उन्हें मेरठ में अपने बनाए घड़ों के साथ-साथ गुजरात, दिल्ली, राजस्थान और कोलकाता से भी घड़े मंगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि हर प्रदेश की मिट्टी की अलग विशेषता है। जिसके चलते घड़ों की कीमत भी 50 रुपये से लेकर 12 सौ रुपये तक है। मार्केट में घड़ा खरीदने पहुंचे विकास ने बताया कि फिलहाल डॉक्टरों ने सभी को फ्रिज के पानी से परहेज करने की सलाह दी है। जिसके चलते वह भी अपने घर में मिट्टी का घड़ा रख रहे हैं और बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए इसी घड़े का पानी पिला रहे हैं।
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