8  में से चार सदस्यों ने किया समर्थन


मेरठ। छावनी परिषद में सभी राजनीतिक समीकरण को बदलते हुए बीना वाधवा फिर से उपाध्यक्ष बन गई हैं। छावनी परिषद के आठ सदस्यों में से चार सदस्यों ने उनका समर्थन किया। बीना के उपाध्यक्ष बनने के बाद उनके पति सुनील वाधवा गाजे.बाजे के साथ छावनी परिषद कार्यालय पहुंचे। इस पूरे घटनाक्रम में एक बार फिर सुनील वाधवा छावनी की राजनीति के चाणक्य साबित हुए हैं।

पूर्व में बीना को उपाध्यक्ष पद से हटाकर भाजपा ने वार्ड आठ के सदस्य विपिन सोढ़ी को अपना उम्मीदवार बनाते हुए उपाध्यक्ष बनाया था। जिसे छावनी के पांच सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव लाकर हटा दिया था। उसके बाद गुरुवार को उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए विशेष बैठक हुई। जिसमें वार्ड एक की सदस्य रिनी जैन, दो की बुशरा कमाल, चार के सदस्य नीरज राठौर और पांच के सदस्य अनिल जैन ने बीना का समर्थन किया।
भाजपा के सामने भाजपा
छावनी की राजनीति में यह पहली बार हुआ है कि भाजपा के सामने भाजपा रहीं। उपाध्यक्ष पद से हटे विपिन सोनी भी भाजपाई हैं। उपाध्यक्ष बनी बीना भी भाजपाई हैं। बीना के उपाध्यक्ष बनाए जाने के बाद विपिन सोढ़ी ने कहा की इन पांच सदस्यों ने भाजपा के विहिप का उल्लंघन किया है। पार्टी इसका निर्णय लेगी। उनके लिए संगठन सबसे बड़ा है।
संगठन मेरे लिए सर्वोपरि
उपाध्यक्ष बनी बीना वाधवा ने कहा कि वह भाजपा की सक्रिय कार्यकर्ता हैं।उन्होंने किसी तरह नियमों का उल्लंघन नहीं किया है। विपिन सोढ़ी की कार्यशैली से कार्यकर्ता और पार्टी दोनों असंतुष्ट थी। इसकी वजह से निर्णय लिया गया। बाकी महानगर अध्यक्ष से उनकी वार्ता नहीं हुई है। अगर वार्ता हुई तो सभी सदस्य अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे।

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