मुंबई समेत पूरा महाराष्ट्र कर्फ्यू के हवाले
लोगों की जिंदंगी बचाना पहले ,सहयोग न मिलता देख उठाया कदम

न्यूज प्रहरी -मुंबई।कोरोना से निपटने में आम जनता का पर्याप्त सहयोग मिलता न देख महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पूरे राज्य में कर्फ्यू लागू करने का निर्णय किया है। सभी जिलों की सीमाएं सील कर दी गई हैं। निजी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया है। महाराष्ट्र में कोरोना पीडितों की संख्या में 15 की वृद्धि के साथ यह संख्या रविवार के आंकड़े 74 से बढ़कर सोमवार को 89 हो गई है। रविवार को जनता कफ्र्यू की सफलता के अगले दिन सुबह से ही मुंबई में प्रवेश के सभी टोल नाकों में कारों की एक से डेढ़ किलोमीटर लंबी कतार लग गई। रविवार रात से लोकल ट्रेनें बंद करने राज्य के सभी नगरीय क्षेत्रों में लॉक डाउन लागू होने के बावजूद मुंबई में आनेवालों की यह संख्या देख राज्य सरकार को मजबूरन पूरे राज्य में कफ्र्यू जैसा कदम उठाना पड़ा।
पता होने के बाद भी घरों से बाहर निकले
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि राज्य में लॉक डाउन लागू होने के बावजूद हमने महसूस किया कि लोग सड़कों पर निकल रहे हैं एवं हाइवेज पर भीड़ बढ़ रही है। राज्य में एक दिन का जनता कफ्र्यू सफल होने के बाद हम अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकते। वास्तव में यह उस युद्ध का साइरन हैए जो हम लडऩे जा रहे हैं। इसलिए हमने पूरे राज्य में कफ्र्यू लगाने का निर्णय किया है। बिना आपातस्थिति के अब किसी को घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होती। सड़कों पर 4-5 लोगों से ज्यादा के एक साथ निकलने पर पाबंदी होगी। उद्धव ने कहा कि कोरोना के लिए यह अत्यंत निर्णायक क्षण है। यदि हम अभी न संभल सके तो स्थिति और खराब हो सकती है।
अन्य हिस्सो में न पहुंचे इस लिये उठाया कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम नहीं चाहते कि राज्य के जिन हिस्सों में कोरोना का वायरस अब तक नहीं पहुंचा है, वहां यह पहुंच सके। इसलिए सभी जिलों की सीमाएं भी सील कर दी गई हैं। ताकि जिन जिलों में संक्रमण पहुंच चुका है, इसे वहीं खत्म किया जा सके। एवं जहां नहीं पहुंचा है, वहां पहुंचने से रोका जा सके। उद्धव के अनुसार जिला प्रशासन को निर्णय करने की पूरी छूट दे दी गई है। नियम का उल्लंघन करनेवालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। निजी एवं सरकारी बस सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गई हैं। सिर्फ अत्यावश्यक परिस्थितियों में टैक्सी एवं निजी कारों को चलने की अनुमति दी जाएगी, वह ड्राइवर के अलावा सिर्फ दो सवारियों के साथ। ऑटो रिक्शा भी चल सकेंगे, लेकिन ड्राइवर के अलावा सिर्फ एक सवारी के साथ। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि बिना आपातस्थिति के किसी को सड़क पर न चलने दिया जाए। बता दें कि सोमवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे एवं उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विभागीय आयुक्तों से बात की और उन्हें जिलों की सीमा सील करने से संबंधित आवश्यक दिशा.निर्देश दिए।
राज्य में पीडि़तों की संख्या 89
मीडिया से बात करते हुए महाराष्ट्र के स्वास्थ्यमंत्री राजेश टोपे ने कहा कि महाराष्ट्र में कोरोना रोगियों की संख्या बढ़कर 89 हो गई है। सोमवार को बढ़े 15 मरीजों में आठ अपने किसी नजदीकी व्यक्ति से संक्रमित हैं, जबकि छह विदेश से यह बीमारी लेकर भारत आए हैं। नए पाए गए 15 रोगियों में 14 मुंबई के एवं एक पुणे का है। सभी 89 मरीजों में सिर्फ दो को आईसीयू में रखा गया है। राजेश टोपे के अनुसार रोगियों की संख्या लगातार बढऩे के बावजूद राज्य में अभी इस बीमारी को कम्युनिटी स्प्रेड नहीं कहा जाना चाहिए। प्रयोगशालाएं बढ़ाने की जानकारी देते हुए फिलहाल छह प्रयोगशालाओं में टेस्टिंग की सुविधा है। 27 मार्च से हर सरकारी मेडिकल कॉलेज में टेस्टिंग की सुविधा शुरू हो जाएगी। टोपे के अनुसार गोवा एवं महाराष्ट्र का बॉर्डर सील कर दिया गया है। अन्य राज्यों के बारे में विचार कर निर्णय किया जाएगा।

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