मेरठ में टोल कारोबारियों के घर ED की रेड, 7 घंटे खंगाले दस्तावेज:

 फर्जी सॉफ्टवेयर से कथित अवैध वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग केस में कार्रवाई

गंगानगर के राधा गार्डन में रविंद्र और देवेंद्र शर्मा के मकान पर छापा; टोल कारोबार से जुड़े लेन-देन और रिकॉर्ड की जांच, कई दस्तावेज साथ ले गई टीम

मेरठ। एनएचएआई के टोल प्लाजा पर फर्जी सॉफ्टवेयर के जरिए कथित अवैध वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को मेरठ में कार्रवाई की। देश के सात राज्यों और दिल्ली-एनसीआर में एक साथ 14 ठिकानों पर हुई कार्रवाई के तहत ED की लखनऊ जोनल टीम गंगानगर के राधा गार्डन पहुंची।

यहां टोल कारोबार से जुड़े बताए जा रहे रविंद्र कुमार शर्मा और उनके भाई देवेंद्र कुमार शर्मा के मकान पर करीब 6 से 7 घंटे तक तलाशी चली। टीम ने घर में मौजूद दस्तावेजों, रिकॉर्ड और टोल कारोबार से जुड़े लेन-देन की जानकारी खंगाली। जांच के दौरान महत्वपूर्ण माने गए कई दस्तावेज ED अपने साथ ले गई।

गुपचुप तरीके से पहुंची ED की टीम

बुधवार को ED की लखनऊ जोनल टीम एक वाहन से राधा गार्डन पहुंची। अधिकारी सीधे मकान के अंदर दाखिल हुए और दरवाजा बंद करा दिया। सुरक्षा के लिए बाहर दो सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए।

इसके बाद अधिकारियों ने घर के अलग-अलग हिस्सों में तलाशी ली। दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की गई। जिन कागजात को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया, उन्हें अलग कर टीम ने अपने कब्जे में ले लिया।

टोल कारोबार से जुड़े लेन-देन की भी पड़ताल

ED जिस मामले की जांच कर रही है, उसमें एनएचएआई के टोल प्लाजा पर कथित तौर पर फर्जी सॉफ्टवेयर के जरिए वसूली किए जाने का आरोप है। इसी मामले से जुड़े वित्तीय लेन-देन और अन्य कड़ियों की जांच के दौरान मेरठ के इस मकान को भी कार्रवाई के दायरे में लिया गया।

राधा गार्डन स्थित मकान में रहने वाले रविंद्र कुमार शर्मा और उनके भाई देवेंद्र कुमार शर्मा के टोल कारोबार से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है।

देवेंद्र घर पर नहीं मिले, रविंद्र और पत्नी से पूछताछ

ED की टीम जब मकान पर पहुंची, उस समय देवेंद्र कुमार शर्मा घर पर मौजूद नहीं थे। बताया गया कि वह परिवार के साथ बाहर गए हुए थे।

इसके बाद टीम ने घर में मौजूद रविंद्र कुमार शर्मा और उनकी पत्नी से पूछताछ की। अधिकारियों ने टोल कारोबार से जुड़े रिकॉर्ड, लेन-देन और अन्य दस्तावेजों के बारे में जानकारी ली और उपलब्ध कागजात का आपस में मिलान किया।

देर रात तक चली कार्रवाई

मकान के अंदर ED की जांच करीब छह से सात घंटे तक चली। अधिकारी लगातार दस्तावेजों की जांच करते रहे। कार्रवाई पूरी होने के बाद टीम देर रात मकान से बाहर निकली।

पूरी कार्रवाई को काफी गोपनीय रखा गया था। आसपास के लोगों को कई घंटे तक यह पता नहीं चला कि मकान के अंदर केंद्रीय जांच एजेंसी की तलाशी चल रही है।

नोटिस चस्पा होने के बाद लोगों को मिली जानकारी

ED की टीम ने कार्रवाई के बाद मकान के बाहर एक नोटिस भी चस्पा किया। इसके बाद आसपास रहने वाले लोगों को जानकारी हुई कि यहां केंद्रीय जांच एजेंसी ने छापेमारी की है।

टीम के निकलने के बाद इलाके में कार्रवाई को लेकर चर्चा शुरू हो गई।

आगे की जांच से साफ होगी तस्वीर

बताया जा रहा है कि ED टीम अपने साथ ले जाए गए दस्तावेजों और रिकॉर्ड की अब जांच करेगी। इन्हीं दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की दिशा तय होगी।

फिलहाल टोल कारोबारियों के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच के दायरे में हैं। ED की कार्रवाई को मामले में चल रही जांच का हिस्सा माना जा रहा है।

No comments:

Post a Comment

Popular Posts