यूपी में गांव-गांव से निकलेंगे चैंपियन, तैयार हो रहा खेल प्रतिभाओं का नेटवर्क

खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव बोले—ग्राम पंचायत के खेल मैदान से कमिश्नरी के स्पोर्ट्स कॉलेज तक मिलेंगी सुविधाएं

मेरठ में खेल विश्वविद्यालय और कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम के आधुनिकीकरण पर जोर

मेरठ। उत्तर प्रदेश में अब खेल प्रतिभाओं की तलाश गांव-गांव से होगी। प्रदेश सरकार ग्राम पंचायत स्तर से लेकर बड़े खेल केंद्रों तक खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए खेलों का मजबूत नेटवर्क तैयार कर रही है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं, जबकि ब्लॉक स्तर पर ग्रामीण खेल मिनी स्टेडियम और कमिश्नरी स्तर पर स्पोर्ट्स कॉलेज विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है।

प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने बुधवार को कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में उत्तर प्रदेश एथलेटिक्स एसोसिएशन की ओर से आयोजित इंडियन एथलेटिक्स सीरीज-15 के शुभारंभ अवसर पर यह बात कही। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत उन्हें सही मंच और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की है।

गांवों में 12 मानकों के खेल मैदान

मंत्री ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में निर्धारित 12 मानकों के अनुरूप खेल मैदान विकसित करने की योजना बनाई गई है। ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम तैयार किए जा रहे हैं। जिला स्तर पर एथलेटिक ट्रैक, एस्ट्रोटर्फ, मल्टीपरपज हॉल, बास्केटबॉल समेत अन्य सुविधाएं विकसित करने पर जोर है। खेलो इंडिया, फिट इंडिया और सांसद खेलकूद प्रतियोगिताओं के माध्यम से युवाओं को खेलों से जोड़ने का भी प्रयास किया जा रहा है।

कमिश्नरी में खुलेंगे स्पोर्ट्स कॉलेज

गिरीश चंद्र यादव ने बताया कि खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश की कमिश्नरियों में स्पोर्ट्स कॉलेज विकसित करने की योजना है। मौजूदा बजट में अयोध्या, बरेली, आगरा और झांसी में स्पोर्ट्स कॉलेज खोलने के प्रस्ताव शामिल किए गए हैं।

मेरठ के खेल विश्वविद्यालय को बताया अहम पहल

मंत्री ने मेरठ के मेजर ध्यानचंद के नाम पर स्थापित हो रहे खेल विश्वविद्यालय को प्रदेश की खेल व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में छात्रावास और प्रशासनिक भवन समेत जरूरी ढांचा तैयार किया जा चुका है और शैक्षणिक गतिविधियां भी शुरू हो चुकी हैं।

खिलाड़ियों को नौकरी से जोड़ रही सरकार

मंत्री ने कहा कि सरकार खेल प्रतिभाओं को केवल पदक तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उनके भविष्य को सुरक्षित करने पर भी काम कर रही है। नई खेल नीति-2023 के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि हासिल करने वाले खिलाड़ियों को सम्मान और रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने मेरठ की एशियन गेम्स स्वर्ण पदक विजेता पारुल चौधरी का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें पुरस्कार राशि के साथ डिप्टी एसपी के पद पर सीधे भर्ती होने का अवसर दिया गया। खेल कोटे से करीब एक हजार खिलाड़ियों को रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। 534 कुशल खिलाड़ियों की भर्ती में 490 की नियुक्ति हो चुकी है। आने वाली भर्तियों में दो प्रतिशत खेल कोटा सुनिश्चित करने के लिए अधियाचन भेजे जा रहे हैं।

कैलाश प्रकाश स्टेडियम का होगा आधुनिकीकरण

खेल सचिव एलवाई सुहास ने कहा कि मेरठ में एथलेटिक ट्रैक का निर्माण पूरा हो चुका है। अब कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम के समग्र विकास की योजना तैयार की जा रही है। मेरठ विकास प्राधिकरण और खेल विभाग मिलकर स्टेडियम के आधुनिकीकरण पर काम करेंगे। इससे एथलेटिक्स के साथ अन्य खेलों के खिलाड़ियों को भी लाभ मिलेगा।

खिलाड़ियों को नशे और मोबाइल से दूर रहने की सलाह

मंत्री ने खिलाड़ियों से कहा कि सफलता केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि नियमित अभ्यास और अनुशासन से मिलती है। उन्होंने युवाओं से प्रतिदिन कम से कम एक घंटा खेल मैदान में बिताने और नशे से पूरी तरह दूर रहने का आह्वान किया। साथ ही मोबाइल और रील्स में जरूरत से ज्यादा समय न बिताकर अपनी ऊर्जा अभ्यास और लक्ष्य पर केंद्रित करने की सलाह दी।

उन्होंने उत्तर प्रदेश में नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप कराने की एसोसिएशन की मांग पर सरकार की ओर से विचार करने और खिलाड़ियों को बड़ा मंच उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।

कार्यक्रम में भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष डॉ. एसपी देशवाल, उत्तर प्रदेश एथलेटिक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आशुतोष भल्ला, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी जितेंद्र यादव, अनू कुमार आदि सहित खेल विभाग और एथलेटिक्स से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान सेवानिवृत्त स्पोर्ट्स ऑफिसर प्रेम कुमार और रुस्तम खान को सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता के विजेता खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया।

No comments:

Post a Comment

Popular Posts