ईरान में शादी समारोह पर अमेरिकी हमला, 5 की मौत; 50 से ज्यादा घायल, जवाब में जॉर्डन-बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर अटैक

खुजस्तान में भी 7 लोगों की मौत का दावा, ट्रंप बोले- ईरान से समझौते की जरूरत नहीं

वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हमले किए हैं। इनमें एयर डिफेंस साइट्स, रडार सिस्टम, समुद्री ठिकाने, माइन बिछाने की क्षमता और कम्युनिकेशन साइट्स शामिल होने का दावा किया गया है।

ईरान का आरोप है कि दक्षिणी ईरान के सिरिक इलाके में एक शादी समारोह के दौरान अमेरिकी हमला हुआ। इस हमले में पांच लोगों की मौत और 50 से ज्यादा लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। हमले के बाद सामने आए वीडियो और तस्वीरों में घायल बच्चों को अस्पताल में इलाज कराते देखा गया।

खुजस्तान में भी हमले का दावा

ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक, खुजस्तान प्रांत में अमेरिकी मिसाइल हमले में 7 लोगों की मौत और 8 लोग घायल हुए हैं। अमेरिका ने यहां तीन जगहों को निशाना बनाया।

ईरान ने जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया

अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमला करने का दावा किया है। इससे क्षेत्र में संघर्ष के और फैलने की आशंका बढ़ गई है।

ट्रंप बोले- समझौते की जरूरत नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ किसी समझौते की जरूरत नहीं है। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका का होर्मुज स्ट्रेट पर लगभग पूरा नियंत्रण है और ईरान की अर्थव्यवस्था तेजी से कमजोर हो रही है।

200 दिन से ज्यादा समुद्र में रहने के बाद थाईलैंड पहुंचा USS अब्राहम लिंकन

अमेरिकी नौसेना का विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन बुधवार को थाईलैंड पहुंचा। यह युद्धपोत 200 दिनों से ज्यादा समय तक लगातार समुद्र में रहने के बाद पांच दिन के ठहराव के लिए वहां पहुंचा है। पोत पर करीब 5,000 सैनिक और कर्मचारी तैनात हैं। यह पश्चिम एशिया में ईरान से जुड़े अमेरिकी मिशन का हिस्सा रहा है।

रूस पर ईरान को सुपरसोनिक मिसाइल तकनीक देने का आरोप

इस बीच Financial Times की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस कथित तौर पर ईरान को सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल तकनीक विकसित करने में गुप्त रूप से मदद कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह कार्यक्रम 2023 से चल रहा है और इसमें रूसी मिसाइल विशेषज्ञ शामिल हैं।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस ईरान को रैमजेट प्रोपल्शन सिस्टम विकसित करने में मदद कर रहा है। ईरान इस सिस्टम को तैयार कर फ्लाइट टेस्ट भी कर चुका है। हालांकि, अभी ऐसा कोई सबूत सामने नहीं आया है कि रूस की मदद से विकसित कोई सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ईरान ने तैनात कर दी है।

तेज गति और कम ऊंचाई पर उड़ान भरने की क्षमता के कारण ऐसी मिसाइलें एयर डिफेंस सिस्टम के लिए चुनौती बन सकती हैं। इनका इस्तेमाल एंटी-शिप और जमीन पर हमला करने वाली क्रूज मिसाइलों के रूप में किया जा सकता है।

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